देहरादून: उत्तराखंड की चारधाम यात्रा इस बार नए कीर्तिमान गढ़ रही है। बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं की संख्या ने पिछले साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। बुधवार तक कुल 14 लाख 53 हजार 827 तीर्थयात्री भगवान बद्रीविशाल के दर्शन कर चुके हैं, जबकि कपाट बंद होने में अभी करीब डेढ़ माह का समय शेष है। पिछले वर्ष 2024 में पूरे यात्राकाल में कुल 14 लाख 35 हजार 341 श्रद्धालु बद्रीनाथ पहुंचे थे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार के कुशल यात्रा प्रबंधन और सुदृढ़ व्यवस्थाओं के चलते श्रद्धालुओं में उत्साह और विश्वास दोनों दिखाई दे रहे हैं। खराब मौसम के बावजूद प्रशासन ने यात्रा मार्गों को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष टीमें और जेसीबी मशीनें तैनात की हैं। यात्रियों के ठहरने, भोजन और सुरक्षा के लिए भी पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। एसडीआरएफ की टीमें लगातार सक्रिय हैं, वहीं अब ठंड बढ़ने पर अलाव की व्यवस्था भी की गई है।
बुधवार को 5042 श्रद्धालुओं ने भगवान बद्रीविशाल के दर्शन किए। जैसे-जैसे कपाटबंदी की तिथि (25 नवंबर) नजदीक आ रही है, यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
हेमकुंट साहिब यात्रा ने भी बनाया रिकॉर्ड
इधर चमोली जिले स्थित श्री हेमकुंट साहिब के कपाट कल 10 अक्टूबर को शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। इस बार यहां भी श्रद्धालुओं की संख्या ने नया इतिहास रच दिया है। बुधवार तक 2 लाख 71 हजार 367 तीर्थयात्री हेमकुंट साहिब के दर्शन कर चुके हैं, जबकि वर्ष 2024 में यह संख्या 1 लाख 83 हजार 722 थी।
समुद्रतल से 15,230 फीट की ऊंचाई पर स्थित हेमकुंट साहिब की यात्रा कठिन मानी जाती है, लेकिन बेहतर प्रबंधन और श्रद्धा के जज़्बे ने इस बार हर सीमा तोड़ दी।
चारधाम कपाट बंद होने की तिथियां
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गंगोत्री: 22 अक्टूबर
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यमुनोत्री: 23 अक्टूबर
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केदारनाथ: 23 अक्टूबर
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बद्रीनाथ: 25 नवंबर
उत्तराखंड की पवित्र धाम यात्रा इस वर्ष श्रद्धा, विश्वास और व्यवस्था – तीनों के संगम का प्रतीक बन गई है।
