रुद्रप्रयाग: वर्ष 2022 में बदरीनाथ हाईवे, नरकोटा पर निर्माणाधीन पुल के गिरने के मामले में न्यायालय ने अहम फैसला सुनाया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अशोक कुमार सैनी की अदालत ने RCC कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर ज्योति प्रकाश शर्मा और जेई मुकेश गुप्ता को दोषी करार देते हुए कुल चार साल छह माह की सजा सुनाई। इसके साथ ही अदालत ने प्रत्येक पर ₹11,500 का जुर्माना भी लगाया।
वर्ष 2022 में RCC कंपनी द्वारा नरकोटा में बनाया जा रहा मोटरपुल अचानक टूटकर गिर गया था। इस हादसे में कई मजदूर गंभीर रूप से घायल हुए, जबकि कुछ की मौत हो गई। घटना के तुरंत बाद पुलिस और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू की थी।
पीड़ित पक्ष की तहरीर पर प्रोजेक्ट मैनेजर और JE के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच में यह सामने आया कि निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों का उल्लंघन हुआ था और आवश्यक सावधानियां नहीं बरती गईं।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि ऐसे हादसों में जिम्मेदार अधिकारियों को सजा देकर समाज में सुरक्षा और मजदूर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है। अदालत ने दोषियों की सजा के साथ ही उन्हें जुर्माना भी लगाया, ताकि यह संदेश जाए कि किसी भी निर्माण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस हादसे ने निर्माण क्षेत्र में सुरक्षा उपायों और जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय पर सुरक्षा मानकों का पालन किया गया होता, तो यह हादसा रोका जा सकता था।
स्थानीय प्रशासन ने भी मजदूर सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू करने की दिशा में कदम उठाने की घोषणा की है। राज्य में इस प्रकार के घटनाओं को रोकने के लिए निर्माण कंपनियों की निगरानी और प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं।

