देहरादून: उत्तराखंड में UKSSSC पेपर लीक का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। एक ओर युवा सड़कों पर उतरकर सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं, वहीं पुलिस ने जांच तेज कर दी है। डीजीपी दीपम सेठ और गृह सचिव शैलेश बगौली ने संयुक्त बयान जारी कर बताया कि पेपर लीक प्रकरण की जांच पर पुलिस मुख्यालय की सख्त निगरानी है और देहरादून, हरिद्वार व साइबर सेल की 5 टीमें जांच में जुटी हैं।
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अब तक की जांच में पुलिस ने पर्याप्त सबूत बरामद किए हैं। डीजीपी के मुताबिक जल्द ही जांच पूरी कर आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। इस मामले में एसआईटी ने असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन, अभ्यर्थी खालिद की दो बहनों और एक अज्ञात शख्स समेत कई लोगों पर एफआईआर दर्ज की है। पूछताछ में खालिद की बहन हिना को बाद में छोड़ दिया गया।
जांच के दायरे में अब उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के अध्यक्ष बॉबी पंवार भी आ गए हैं, जिन पर रायपुर थाने में अनुचित साधन निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि महिला प्रोफेसर ने प्रश्नपत्र बॉबी पंवार को भी भेजे थे।
क्या है मामला?
21 सितंबर को UKSSSC की स्नातक स्तरीय परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र से जुड़े स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो गए थे। बेरोजगार संघ ने इसे पेपर लीक करार देते हुए सरकार और आयोग पर सवाल खड़े किए। आयोग के अध्यक्ष जीएस मर्तोलिया ने माना कि जैमर लगे होने के बावजूद प्रश्नपत्र के तीन पन्ने बाहर आए, जो हैरान करने वाला है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि “पूरा पेपर लीक नहीं हुआ।”
फिलहाल, देहरादून की सड़कों पर आंदोलन जारी है और युवा सीबीआई जांच की मांग पर अड़े हैं।
