हल्द्वानी: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को सर्किट हाउस काठगोदाम में आपदा से हुई क्षति, विद्युत, पेयजल और मोटर मार्गों की अद्यतन स्थिति की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रभावित जनता के साथ खड़ी है और राहत एवं पुनर्निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ अंजाम दिया जा रहा है।
बैठक के दौरान मंडलायुक्त और जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री को आपदा से हुई क्षति की विस्तृत जानकारी दी। बताया गया कि नैनीताल जिले में अब तक लगभग 443 करोड़ रुपये का नुकसान आंका गया है। लोअर मॉल रोड के धंसने, बागेश्वर में पुलों की क्षति, रानीबाग पावर हाउस की समस्या और विभिन्न ब्लॉकों में मार्ग अवरुद्ध होने जैसी गंभीर चुनौतियों की जानकारी दी गई।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि केंद्र और राज्य सरकार के संसाधनों का उपयोग कर आपदा प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से पुनर्निर्माण कार्य सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि “जिम्मेदारी तय होगी और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” साथ ही एक माह के भीतर सड़कों का पैचवर्क पूरा करने, जल निकायों के मार्ग सुरक्षित करने और अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए।
बैठक में सिंचाई विभाग को जलाशयों में de-silting कार्य की ठोस योजना बनाने और प्रस्तुत करने को कहा गया। सुशीला तिवारी अस्पताल के UPNL कर्मियों के लंबित वेतन का मामला भी उठा, जिस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल समाधान के निर्देश दिए।
सीएम धामी ने कहा कि मानसून के दौरान जलभराव से जलजनित रोगों की समस्या बढ़ जाती है, इसलिए स्वास्थ्य विभाग व्यापक तैयारी करे और जगह-जगह स्वास्थ्य शिविर लगाए। उन्होंने जनता की समस्याओं के समाधान हेतु जन निवारण एवं बहुउद्देशीय शिविरों के आयोजन और अधिकारियों की क्षेत्र पंचायत बैठकों में अनिवार्य उपस्थिति पर भी जोर दिया।
बैठक में अध्यक्ष जिला पंचायत दीपा दरमवाल, विधायक बंशीधर भगत, डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, दीवान सिंह बिष्ट, राम सिंह केड़ा, प्रमोद नैनवाल समेत भाजपा पदाधिकारी और मंडलीय अधिकारी उपस्थित रहे।
