चमोली की निजमुला घाटी में आपदा का प्रकोप, सड़कें बंद होने से गांवों में कैद हुए लोग

 

 

 

 

 

चमोली: जिले के दशोली विकासखंड की निजमुला घाटी में अतिवृष्टि और लगातार हो रही बारिश ने ग्रामीणों की मुश्किलें कई गुना बढ़ा दी हैं। पाना ईरानी, झींझी, बोना और भनाली गांव के लोग पिछले कई दिनों से अपने ही घरों में कैद होकर रह गए हैं।

भारी बारिश के चलते निजमुला–पाना ईरानी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) सड़क, गोना–भेलतना–झींझी पुल बाईपास मार्ग, छाम गैठा और कलिया घट मार्ग जगह-जगह भूस्खलन और मलबा आने से बाधित हो गए हैं। इन मार्गों के अवरुद्ध होने से गांवों का जिले के अन्य हिस्सों से संपर्क पूरी तरह टूट चुका है।

ग्रामीणों की परेशानी

  • आवश्यक सामग्री जैसे अनाज, सब्ज़ी, दवाइयाँ और दूध तक गांवों तक नहीं पहुँच पा रही हैं।

  • आपातकालीन स्थिति में बीमार या गर्भवती महिलाओं को अस्पताल ले जाना भी नामुमकिन हो गया है।

  • स्थानीय लोग रोजमर्रा की ज़रूरतों के लिए बाज़ार नहीं जा पा रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि वे अपने घरों में कैद की स्थिति में हैं और कई जगहों पर तो पेयजल की समस्या भी उभर रही है।

स्थानीयों की अपील

गांववासियों ने जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग से मांग की है कि

  • बाधित सड़कों को युद्धस्तर पर खोला जाए,

  • आवश्यक खाद्य सामग्री और दवाइयों की तुरंत आपूर्ति की व्यवस्था की जाए।

आपदा का असर बढ़ने का अंदेशा

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बरसात का दौर इसी तरह जारी रहा तो निजमुला घाटी में जीवन-यापन और स्वास्थ्य सेवाएं गंभीर संकट में आ सकती हैं।

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