देहरादून: उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी वर्षा और मौसम विभाग के रेड व ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शासन और जनपद स्तरीय अधिकारियों को 24×7 अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अत्यधिक वर्षा से राज्य लगातार चुनौतियों का सामना कर रहा है और आने वाले कुछ दिन और भी कठिन हो सकते हैं।
उन्होंने अधिकारियों से स्पष्ट निर्देश दिए कि—
-
भूस्खलन की आशंका वाले मार्गों पर विशेष सतर्कता बरती जाए।
-
मैदानी क्षेत्रों में जलभराव रोकने के लिए एहतियाती कदम उठाए जाएं।
-
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से हर स्थिति पर कड़ी निगरानी रखी जाए।
रविवार को मुख्यमंत्री ने शासन व जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर राहत-बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि आपदा से प्रभावित और बेघर हुए परिवारों के साथ सरकार पूरी मजबूती से खड़ी है। पुनर्वास के लिए त्वरित कार्यवाही की जाएगी और मैदानी जिलों में पुनर्वास के विकल्प भी तलाशे जा रहे हैं।
महत्वपूर्ण निर्देश
-
तमक नाले में बैली ब्रिज: ज्योतिर्मठ-मलारी हाईवे पर बहे पुल को लेकर बीआरओ को जल्द से जल्द बैली ब्रिज बनाने के निर्देश।
-
गंगोत्री हाईवे: चारधाम यात्रा की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यात्रा शुरू होने से पहले हाईवे को सुरक्षित और दुरुस्त करने का आदेश।
-
हर्षिल और स्यानाचट्टी: बनी झीलों के जलस्तर पर 24×7 निगरानी और मलबा हटाने के निर्देश।
-
नदियों का जलस्तर: रात में भी निगरानी और खतरे की स्थिति में तुरंत अलर्ट जारी करने का आदेश।
मौसम अलर्ट
-
01 सितंबर 2025:
देहरादून, टिहरी, पौड़ी और हरिद्वार में रेड अलर्ट, बाकी जिलों में ऑरेंज अलर्ट। -
02 सितंबर 2025:
देहरादून, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली और बागेश्वर में ऑरेंज अलर्ट।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से अपील की कि वे प्रभावित परिवारों की पीड़ा को समझें और राहत-बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर संचालित करें।

