उत्तरकाशी: अभूतपूर्व आपदा के घाव झेल चुके धराली गाँव ने आजादी के महापर्व पर अपने अदम्य साहस और देशभक्ति का अनोखा उदाहरण पेश किया। खीरगंगा के तट पर सुरक्षित बचे समेश्वर देवता मंदिर प्रांगण में आपदा प्रभावित ग्रामीण और राहत-बचाव कर्मी एकत्र हुए और तिरंगा फहराकर नए सिरे से जिंदगी संवारने का संकल्प लिया।
स्वतंत्रता दिवस के इस मौके पर एसडीआरएफ के आईजी अरुण मोहन जोशी ने ध्वजारोहण किया और आपदा प्रभावितों को हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी ने आपदा में जान गंवाने वालों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा।
ग्रामीणों ने देश की एकता और अखंडता को अक्षुण्ण बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने आपसी एकजुटता से आपदा के असर से जल्द उबरने और सामान्य स्थिति बहाल करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने राहत और बचाव कार्यों में जुटे सभी विभागों, एजेंसियों और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की।
धराली का यह तिरंगा उत्सव साबित करता है कि कठिन से कठिन परिस्थितियां भी सीमांत क्षेत्र के निवासियों के जज्बे और जीवट को झुका नहीं सकतीं।
