उत्तरकाशी में बारिश से मचा हाहाकार: गंगोत्री-यमुनोत्री हाईवे ठप, 19 ग्रामीण मोटर मार्ग बंद

 

 

-तीर्थयात्रा बाधित, गांवों में बिजली गुल, मलबे और बोल्डरों के साये में फंसे लोग

उत्तरकाशी: रविवार मध्य रात्रि से लगातार हो रही भारी बारिश ने गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे को बुरी तरह प्रभावित किया है। भूस्खलन और भू-धंसाव की घटनाएं बढ़ने से दोनों प्रमुख तीर्थ मार्ग बार-बार बंद हो रहे हैं, जिससे न केवल तीर्थयात्रा बाधित हुई है, बल्कि स्थानीय ग्रामीणों और पर्यटकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

यमुनोत्री हाईवे स्यानाचट्टी के पास पूरी तरह अवरुद्ध

सोमवार सुबह से यमुनोत्री हाईवे पर स्यानाचट्टी के पास सड़क धंसने से यातायात पूरी तरह ठप है। इस क्षेत्र में 33 केवी विद्युत लाइन पर पेड़ गिरने से राणाचट्टी, हनुमान चट्टी और जानकीचट्टी जैसे ऊपरी इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई थी, जिसे चार घंटे की मशक्कत के बाद बहाल किया गया।

गंगोत्री हाईवे बार-बार बंद, तीर्थयात्री फंसे

गंगोत्री हाईवे पर भुक्की, गंगनानी और डबरानी के पास बार-बार भूस्खलन और मलबा गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं।

  • सुबह भुक्की में मलबा गिरने से दो घंटे यातायात बंद रहा।

  • फिर गंगनानी में बोल्डर गिरने से साढ़े तीन घंटे ठप रहा।

  • शाम को डबरानी में पुनः मलबा गिरा, जिससे मार्ग दोबारा बंद हो गया।

गंगोत्री हाईवे पर डाबरकोट से ही मलबा हटाया जा सका है, बाकी हिस्सों में एनएच की टीमें राहत कार्य में जुटी हैं। प्रशासन के अनुसार गंगोत्री हाईवे जल्द ही (1.5-2 घंटे में) बहाल हो सकता है, जबकि यमुनोत्री मार्ग को खुलने में दो दिन तक लग सकते हैं।

19 ग्रामीण मार्गों पर भी टूटा संपर्क

जिला आपदा प्रबंधन केंद्र के मुताबिक, बारिश के चलते उत्तरकाशी जिले में 19 ग्रामीण मोटर मार्ग बंद हो चुके हैं, जिनमें से नौ रास्ते सिर्फ सोमवार को बंद हुए

बंद मार्गों में प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:

  • सिलक्यारा-बनगांव मोटरमार्ग

  • गढ़-जसपुर मार्ग

  • कामदा-छैजुला

  • जोगत-बगोड़ी

  • नैटवाड़-नुराणु

  • आराकोट-भुटाणु आदि

इन मार्गों के बंद होने से कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है और ग्रामीणों को आवश्यक सेवाओं व सामग्री की आपूर्ति में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।

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