देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के व्यापक हित में एक के बाद एक कई अहम विकास योजनाओं और प्रशासनिक निर्णयों को स्वीकृति प्रदान की है। आपदा प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्विकास से लेकर कर्मचारियों के महंगाई भत्ते तक—इन निर्णयों से राज्य के विभिन्न वर्गों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
जोशीमठ स्लोप स्टेबलाइजेशन कार्य के लिए 516 करोड़ की योजना स्वीकृत
जोशीमठ क्षेत्र में भूधंसाव की घटनाओं के मद्देनज़र रू. 516 करोड़ की स्लोप स्टेबिलाइजेशन योजना को स्वीकृति मिली है। मुख्यमंत्री ने इस योजना के प्रथम चरण हेतु 40 करोड़ रुपए की राशि अवमुक्त करने का अनुमोदन भी प्रदान किया है।
जल जीवन मिशन के तहत 200 करोड़ की धनराशि स्वीकृत
राज्य में जल जीवन मिशन कार्यक्रम के अंतर्गत चल रहे कार्यों को गति देने हेतु भारत सरकार से प्राप्त होने वाली धनराशि की प्रत्याशा में रू. 200 करोड़ का पुनर्विनियोग करते हुए राशि जारी करने की स्वीकृति भी दी गई है।
नगर निकायों में बनेंगे ‘देवभूमि रजत जयंती पार्क’
उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित और सुदृढ़ करने हेतु राज्य के 52 नगर निकाय क्षेत्रों में ‘देवभूमि रजत जयंती पार्क’ का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए रू. 40.49 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई है।
पेयजल योजनाओं को भी मिली मजबूती
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड पेयजल निगम को रू. 3.5 करोड़ तथा उत्तराखंड जल संस्थान को रू. 1.5 करोड़ की राशि विभिन्न योजनाओं (नाबार्ड, राज्य सेक्टर, रिंग फेसिंग आदि) के तहत अवमुक्त करने का अनुमोदन दिया है।
रामझूला सेतु की मजबूती के लिए 11 करोड़
मुनिकीरेती स्थित रामझूला सेतु के स्ट्रेंथनिंग और सुरक्षात्मक कार्य हेतु रू. 11 करोड़ की योजना को राज्य योजना के अंतर्गत स्वीकृति दी गई है। यह सेतु तीर्थाटन और स्थानीय आवागमन के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
कर्मचारियों को बड़ा तोहफा: महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार और स्वायत्त निकायों/उपक्रमों के उन कर्मचारियों के लिए भी बड़ी राहत का ऐलान किया है जो 5वें और 6ठे वेतनमान के अनुसार वेतन प्राप्त कर रहे हैं।
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5वें वेतनमान वाले कर्मचारियों का DA 455% से बढ़ाकर 466% किया गया है।
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6ठे वेतनमान वाले कर्मचारियों का DA 246% से बढ़ाकर 252% कर दिया गया है।
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यह वृद्धि 01 जनवरी 2025 से प्रभावी मानी जाएगी।
प्रदेश सरकार द्वारा लिए गए इन फैसलों से जहां एक ओर बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी, वहीं दूसरी ओर कर्मचारियों के मनोबल में भी वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का यह निर्णय विकास, संवेदनशीलता और सुशासन की दिशा में एक और सार्थक कदम माना जा रहा है।
