TMP: कारगिल विजय दिवस के अवसर पर शनिवार को गांधी पार्क स्थित शहीद स्मारक में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कारगिल युद्ध में शहीद हुए वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने शहीदों के परिजनों को सम्मानित कर राष्ट्र की ओर से कृतज्ञता व्यक्त की।
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं:
1. चमोली के कालेश्वर में ईसीएचएस व सैनिक विश्राम गृह और
2.नैनीताल में सैनिक विश्राम गृह के निर्माण की घोषणा।
3. उपनल के माध्यम से पूर्व सैनिकों को विदेश रोजगार भेजने की योजना, जिसमें 50% सिविलियन भी शामिल होंगे।
4. उपनल के माध्यम से राज्य के 22,500 लोगों को रोजगार, विनियमितीकरण की प्रक्रिया जारी।
मुख्यमंत्री ने कहा,
“कारगिल की घाटियों में गूंजता है भारत के वीरों का पराक्रम। उत्तराखंड की वीरभूमि ने 75 जवान खोए, लेकिन उनकी शहादत ने देश को गौरव से भर दिया।”
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की सैन्य नीतियों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सेना अत्याधुनिक हथियारों से लैस हो रही है और हालिया ‘ऑपरेशन सिंदूर’ इस नई शक्ति का प्रमाण है, जिसने चार दिन में दुश्मन को घुटनों पर ला दिया।
मुख्यमंत्री धामी ने राज्य सरकार द्वारा शहीदों और वीर सैनिकों के लिए किए जा रहे कल्याणकारी उपायों का भी उल्लेख किया:
1. शहीद के आश्रित को सरकारी नौकरी, आवेदन की समय सीमा 2 से बढ़ाकर 5 वर्ष।
2. अनुग्रह राशि 10 लाख से बढ़ाकर 50 लाख,
3. परमवीर चक्र के लिए राशि 1.5 करोड़,
4. सभी वीरता पुरस्कारों पर एकमुश्त और वार्षिक धनराशि में वृद्धि।
5. वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों व पूर्व सैनिकों को निःशुल्क बस यात्रा,
6. 25 लाख तक की संपत्ति खरीद पर 25% स्टाम्प ड्यूटी में छूट।
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने बताया कि अब तक उत्तराखंड के 1831 जवान शहीद हुए हैं, जिनमें 1528 को वीरता पुरस्कार और 344 को विशिष्ट सेवा पदक प्राप्त हुए। अब तक राज्य सरकार द्वारा 37 शहीद आश्रितों को सरकारी नौकरी भी दी गई है।
