नैनीताल: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने प्रदेश में बरसात, चारधाम और कांवड़ यात्रा के बीच प्रस्तावित पंचायत चुनावों की टाइमिंग पर गंभीरता से संज्ञान लिया है। कोर्ट ने इस संबंध में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) और सचिव, पंचायती राज विभाग को 15 जुलाई को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होकर स्थिति स्पष्ट करने का आदेश दिया है।
मुख्य न्यायाधीश जी. नरेंद्र और न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए चुनाव की तिथि पर पुनर्विचार आवश्यक हो सकता है।
देहरादून निवासी डॉ. बैजनाथ द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि राज्य के 12 जिलों में पंचायत चुनाव प्रस्तावित हैं, जबकि बरसात के साथ-साथ कांवड़ और चारधाम यात्राएं भी चल रही हैं। प्रशासन, पुलिस और SDRF की टीमें राहत व आपदा प्रबंधन में पहले से ही व्यस्त हैं। ऐसे में चुनाव कराना न केवल चुनौतीपूर्ण होगा बल्कि जन सुरक्षा पर भी खतरा बन सकता है।
याचिकाकर्ता ने मांग की है कि पंचायत चुनाव अगस्त माह के बाद कराए जाएं, जब मौसम और स्थितियां अनुकूल हो जाएं। इस पर कोर्ट ने यथार्थ जानने के लिए अधिकारियों को पेश होने का आदेश जारी किया है।
अब 15 जुलाई की सुनवाई पर नजरें टिकी हैं, जिसमें यह तय हो सकता है कि क्या राज्य में पंचायत चुनावों की तिथियों पर पुनर्विचार होगा या नहीं।

