Site icon The Mountain People

ISS पर ‘किसान’ बने शुभांशु, अंतरिक्ष में उगाई मूंग-मेथी

 

पीटीआई: अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर अपने प्रवास के अंतिम चरण में भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला किसान बन गए हैं। उन्होंने पेट्री डिश में मूंग और मेथी उगाई है, जिसे ISS के फ्रीजर में सुरक्षित रखा गया है। शुभांशु ने इसकी तस्वीर भी साझा की है, जो अंतरिक्ष में भारतीय अनुसंधान की नई उपलब्धियों को दर्शाती है।

14 दिन से ISS पर कर रहे शोध

एक्सिओम-4 मिशन के तहत 26 जून से ISS पर पहुंचे शुभांशु वहां 12 दिन गुजार चुके हैं और मौसम की स्थिति के आधार पर 10 जुलाई के बाद कभी भी धरती पर लौट सकते हैं। हालांकि नासा ने अभी तक उनके पृथ्वी पर वापसी की तारीख तय नहीं की है। शुभांशु ISS पर पहुंचने वाले पहले भारतीय हैं और 14 दिनों के इस मिशन में उनका यह प्रयोग यह समझने के लिए किया गया है कि सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण पौधों के अंकुरण और उनके शुरुआती विकास को कैसे प्रभावित करता है।

‘देश के लिए करना रोमांचक अनुभव’

शुभांशु ने एक्सिओम स्पेस की मुख्य विज्ञानी लूसी लो से बातचीत में कहा, “मुझे गर्व है कि इसरो ने देशभर के राष्ट्रीय संस्थानों के साथ मिलकर कुछ शानदार शोध कार्य करने का अवसर दिया है, जिसे मैं ISS पर कर रहा हूं। यह मेरे लिए रोमांचक और आनंददायक अनुभव है।” उन्होंने बताया कि उनका अनुसंधान कार्य अंतरिक्ष में कई विषयों और क्षेत्रों में फैला हुआ है।

भारतीय वैज्ञानिक कर रहे हैं नेतृत्व

इस प्रयोग का नेतृत्व कर्नाटक के धारवाड़ कृषि विश्वविद्यालय के रविकुमार होसामणि और धारवाड़ आईआईटी के सुधीर सिद्धपुरेड्डी कर रहे हैं। एक्सिओम स्पेस के बयान के अनुसार, धरती पर लौटने के बाद इन बीजों को कई पीढ़ियों तक उगाया जाएगा ताकि उनके आनुवंशिकी, पोषण प्रोफाइल और सूक्ष्मजीवी पारिस्थितिकी तंत्र में होने वाले बदलावों का अध्ययन किया जा सके।

अंतरिक्ष में शैवाल पर भी शोध

एक अन्य महत्वपूर्ण प्रयोग में शुभांशु सूक्ष्म शैवाल भी लेकर गए हैं, जिनकी भोजन, ऑक्सीजन और जैव ईंधन उत्पन्न करने की क्षमता का परीक्षण किया जा रहा है। यह शोध भविष्य में अंतरिक्ष यात्रा और लंबी अवधि के मिशनों के दौरान मानव जीवन के लिए भोजन और ऑक्सीजन के स्रोत तलाशने में मदद कर सकता है।

Exit mobile version