पीटीआई: भारत सरकार ने 2027 में होने वाली जनगणना की तारीख और प्रक्रिया का ऐलान कर दिया है। पहली बार देश में डिजिटल और जातिगत जनगणना कराई जाएगी, जिसमें नागरिक खुद वेब पोर्टल और मोबाइल एप के माध्यम से अपनी गिनती कर सकेंगे। जनगणना दो चरणों में होगी, पहला चरण 1 अप्रैल 2026 से और दूसरा चरण 1 फरवरी 2027 से शुरू होगा। इस दौरान घर के सदस्यों की जातियों की भी गणना की जाएगी, जिससे सामाजिक-आर्थिक योजनाओं के लिए सटीक आंकड़े जुटाए जा सकें।
अधिकारियों ने बताया कि इस डिजिटल जनगणना में एंड्रॉइड और एप्पल मोबाइल एप्स का उपयोग कर डेटा कलेक्शन और इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसमिशन किया जाएगा, जिससे आंकड़े जल्दी और सुरक्षित रूप से उपलब्ध हो सकें। कलेक्शन, ट्रांसमिशन और स्टोरेज के समय डेटा सिक्योरिटी के सख्त उपाय लागू किए जाएंगे ताकि नागरिकों की जानकारी पूरी तरह सुरक्षित रहे।
यह पहली बार होगा जब देश के नागरिक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर खुद अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे, जिससे जनगणना प्रक्रिया तेज और पारदर्शी होगी। 2027 की जनगणना के लिए संदर्भ तिथि 1 मार्च 2027 रखी गई है, जबकि जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल और उत्तराखंड के लिए 1 अक्टूबर 2026 को संदर्भ तिथि होगी। सरकार का दावा है कि यह डिजिटल जनगणना भारत की जनगणना व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।

