TMP: पाकिस्तान की मिसाइलों और ड्रोन को मार गिराकर अपनी ताकत दिखा चुकी भारत की आकाश वायु रक्षा प्रणाली अब ब्राजील का दिल जीत चुकी है। ब्राजील ने इस मिसाइल सिस्टम समेत भारतीय स्कार्पीन पनडुब्बियों और गरुड़ आर्टिलरी गन में रुचि दिखाई है। संभावना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ब्राजील यात्रा के दौरान होने वाली चर्चाओं में रक्षा सहयोग प्रमुख एजेंडा रहेगा।
ब्राजील इस हफ्ते ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है, जिसमें पीएम मोदी 5-8 जुलाई तक रियो डी जेनेरियो में भाग लेंगे। विदेश मंत्रालय के सचिव (पूर्व) पी कुमारन ने बताया कि इस यात्रा में रक्षा सहयोग, संयुक्त अनुसंधान और प्रशिक्षण पर चर्चा होगी।
ब्राजील ने दिखाया आकाश, स्कार्पीन पनडुब्बियों में भी इंटरेस्ट
ब्राजील ने आकाश वायु रक्षा प्रणाली, युद्ध संचार प्रणाली, गश्ती जहाजों, स्कार्पीन पनडुब्बियों के रखरखाव साझेदारी और गरुड़ गन में विशेष रुचि जताई है। माना जा रहा है कि यह संभावित रक्षा सौदे भारत के रक्षा निर्यात को नया मुकाम देंगे और दोनों देशों के रणनीतिक संबंधों को मजबूत बनाएंगे।
क्या है आकाश प्रणाली की ताकत?
डीआरडीओ द्वारा विकसित सतह से हवा में मार करने वाली यह मिसाइल प्रणाली 25 किलोमीटर तक दुश्मन के टारगेट को ध्वस्त कर सकती है। मई में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इसने पाकिस्तानी ड्रोन और मिसाइलों को मार गिराकर अपनी सटीकता और ताकत का प्रदर्शन किया था।
भारत और ब्राजील के बीच बढ़ता यह रक्षा सहयोग, भारत की ‘मेक इन इंडिया’ रक्षा उत्पादन नीति और आत्मनिर्भर भारत मिशन को भी नई रफ्तार देगा।

