नई दिल्ली: रेल यात्रियों के लिए राहतभरी और तकनीक-समर्थ खबर है—भारतीय रेलवे दिसंबर 2025 तक आरक्षण प्रणाली को पूरी तरह से पारदर्शी, तेज़ और यात्रियों के अनुकूल बना देगा। अब ट्रेन खुलने से 8 घंटे पहले ही यात्रियों को पता चल जाएगा कि उनका टिकट कन्फर्म हुआ या नहीं। इससे विशेष रूप से प्रतीक्षा सूची वाले यात्रियों को यात्रा के अंतिम क्षणों में होने वाली असुविधा से राहत मिलेगी।
अब तक चार्ट ट्रेन रवाना होने से चार घंटे पहले बनता था, जिससे दूर-दराज से यात्रा कर रहे यात्रियों को परेशानी होती थी। नई आरक्षण प्रणाली इस असमंजस को खत्म करेगी। रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में इन बदलावों की समीक्षा कर हरी झंडी दी है।
तत्काल टिकट पर भी नई सख्ती:
रेलवे बोर्ड के नए प्रस्ताव के अनुसार, दोपहर 2 बजे तक रवाना होने वाली ट्रेनों का चार्ट एक दिन पहले रात 9 बजे तक तैयार कर दिया जाएगा, ताकि यात्री वैकल्पिक यात्रा की योजना बना सकें। वहीं, 1 जुलाई से तत्काल टिकट बुकिंग के नियम भी सख्त किए जा रहे हैं। अब केवल पंजीकृत और सत्यापित यात्री ही तत्काल टिकट बुक कर पाएंगे।
आईआरसीटीसी की वेबसाइट या ऐप पर पंजीकरण अनिवार्य होगा, और जुलाई के अंत तक ओटीपी आधारित पहचान सत्यापन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी जाएगी। यह सत्यापन आधार कार्ड या डिजी लॉकर में मौजूद सरकारी आईडी से किया जाएगा।
नई प्रणाली की विशेषताएं:
रेलमंत्री ने बताया कि नई आरक्षण प्रणाली मौजूदा से 10 गुना अधिक सक्षम होगी। अभी एक मिनट में जहां 32 हजार टिकट बुक होते हैं, वहीं नई व्यवस्था में डेढ़ लाख से अधिक टिकट प्रति मिनट बुक हो सकेंगे। पूछताछ क्षमता भी 4 लाख से बढ़कर 40 लाख प्रति मिनट हो जाएगी।
इसके अलावा,
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आरक्षण फॉर्म अब कई भारतीय भाषाओं में उपलब्ध होंगे।
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यात्रियों को अपनी पसंद की सीट चुनने का विकल्प मिलेगा।
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दिव्यांगजन, छात्र और मरीजों के लिए विशेष सहूलियतें होंगी।
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किराया कैलेंडर की सुविधा से यात्री जान सकेंगे कि किस दिन कितना किराया लगेगा।
रेल मंत्री वैष्णव ने कहा, “यात्रियों के अनुभव को केंद्र में रखकर रेलवे को पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाना हमारी प्राथमिकता है।” इस पहल के साथ रेलवे न सिर्फ तकनीकी रूप से उन्नत हो रहा है, बल्कि यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है।

