TMP: आज भारत के लिए गर्व का वह ऐतिहासिक क्षण है, जिसका इंतज़ार चार दशक से था। ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला, भारतीय वायुसेना के अनुभवी फाइटर पायलट, एक्सिओम-4 मिशन के तहत अंतरिक्ष की यात्रा पर निकल चुके हैं। यह नासा, स्पेसएक्स और एक्सिओम स्पेस का चौथा निजी अंतरिक्ष मिशन है, जो इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) की ओर रवाना हुआ है।
शुभांशु ने अमेरिका के कैनेडी स्पेस सेंटर (लॉन्च कॉम्प्लेक्स 39A) से फाल्कन-9 रॉकेट के ज़रिए एक नए स्पेसएक्स ड्रैगन क्राफ्ट में उड़ान भरी। अगर सब कुछ योजना के अनुसार हुआ, तो 26 जून की सुबह 7 बजे के करीब यह स्पेसक्राफ्ट ISS से डॉक करेगा।
1984 के बाद फिर गूंजा भारत का नाम अंतरिक्ष में
भारत ने आखिरी बार 1984 में विंग कमांडर राकेश शर्मा के रूप में एक अंतरिक्ष यात्री भेजा था। अब ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने इस सूची में नाम जोड़कर एक बार फिर अंतरिक्ष में भारत की उपस्थिति दर्ज कराई है।
कौन हैं ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला?
उत्तर प्रदेश के लखनऊ से ताल्लुक रखने वाले शुभांशु ने नेशनल डिफेंस एकेडमी से प्रशिक्षण प्राप्त किया और 17 जून 2006 को भारतीय वायुसेना की फाइटर विंग में शामिल हुए।
वह एक कॉम्बैट लीडर, टेस्ट पायलट और 2000 घंटे से अधिक उड़ान अनुभव वाले अधिकारी हैं। उन्होंने सुखोई-30MKI, मिग-21, मिग-29, जगुआर, जैसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमान उड़ाए हैं। रूस और अमेरिका में चार वर्षों की कठिन ट्रेनिंग के बाद अब उन्होंने अंतरिक्ष में कदम रखा है।
एक्सिओम-4 मिशन में कौन हैं अन्य यात्री?
इस मिशन में शुभांशु के साथ:
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पेगी व्हिटसन (अमेरिका) – मिशन कमांडर
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Tibor Kapu (हंगरी) – मिशन स्पेशलिस्ट
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Slawosz Uznanski (पोलैंड) – मिशन एक्सपर्ट
आईएसएस की ओर जा रहे हैं।
ISS का संचालन कौन करता है?
इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) को अमेरिका, रूस, यूरोप, जापान और कनाडा की अंतरिक्ष एजेंसियों द्वारा संयुक्त रूप से संचालित किया जाता है। हर एजेंसी अपने मॉड्यूल और हार्डवेयर की ज़िम्मेदारी संभालती है।
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की यह ऐतिहासिक उड़ान नई पीढ़ी को प्रेरणा, भारत को सम्मान और अंतरिक्ष अन्वेषण में एक नई राष्ट्रीय पहचान देती है। अब पूरा देश एक बार फिर “सारे जहाँ से अच्छा” की गूंज के साथ गर्व से उन्हें निहार रहा है।

