देहरादून: उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक में मंगलवार को राज्य के विकास से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी मिली। सहकारिता, पशुपालन और पर्यटन सौंदर्यीकरण जैसे क्षेत्रों में लिए गए निर्णय प्रदेश में प्रशासनिक कार्यक्षमता, सामाजिक न्याय और पर्यटन संवर्द्धन को नई दिशा देंगे।
सहकारिता विभाग को मिली प्रशासनिक मजबूती:
कैबिनेट ने सहकारिता विभाग में लेवल-11 के ‘उप निबंधक ऑडिट’ के एक निसंवर्गीय पद के सृजन को मंजूरी दे दी है। यह पद अस्थायी रूप से 5 वर्षों के लिए सृजित किया गया है, जिससे विभागीय ऑडिटिंग व्यवस्था को सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी।
बद्रीनाथ धाम होगा और अधिक आकर्षक:
बद्रीनाथ मास्टर प्लान के तहत वहां स्थित आईएसबीटी की दीवारों पर म्यूरल आर्ट वर्क किए जाने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट से हरी झंडी मिल गई है। यह पहल बद्रीनाथ को धार्मिक ही नहीं, दृश्य सौंदर्य की दृष्टि से भी विशेष बनाएगी, जिससे श्रद्धालुओं को आकर्षक अनुभव प्राप्त होगा।
पशुपालन योजना में बड़ा बदलाव, अब सामान्य वर्ग भी होंगे लाभान्वित:
SC/ST वर्ग के लिए संचालित पशुपालन योजना और गंगा गाय योजना को आपस में विलय कर दिया गया है। अब यह नई योजना सामान्य वर्ग के पात्र लाभार्थियों को भी 90% तक की सब्सिडी प्रदान करेगी। इससे पशुधन संवर्द्धन में व्यापक भागीदारी सुनिश्चित होगी।
प्रशिक्षण प्रणाली में सुधार:
पशुधन प्रसार अधिकारियों को चयन के बाद दिए जाने वाले 2 वर्षीय प्रशिक्षण को घटाकर 1 वर्ष कर दिया गया है। यह कदम संसाधनों के कुशल प्रबंधन और त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है।
