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ऋषिकेश बनेगा स्मार्ट और स्पिरिचुअल हब: गंगा कॉरिडोर की 25 परियोजनाओं को मिली रफ्तार, राफ्टिंग से लेकर कांवड़ यात्रा तक नया स्वरूप

 

 

 

TMP : उत्तराखंड के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक व पर्यटक शहर ऋषिकेश के कायाकल्प की तैयारियां तेज़ हो गई हैं। मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में उत्तराखंड इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड (UIIDB) की कार्यकारी समिति की बैठक में गंगा कॉरिडोर परियोजना के तहत प्रस्तावित 25 प्रमुख विकास कार्यों की गहन समीक्षा की गई।

बैठक में जिन परियोजनाओं पर चर्चा हुई, उनमें शामिल हैं:

1. अंतरराष्ट्रीय स्तर का रिवर राफ्टिंग सेंटर

2. आस्था पथ और घाटों का सौंदर्यीकरण

3.सड़क चौड़ीकरण व ब्रिज निर्माण

4. संजय झील का पुनर्विकास

5. पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस का आधुनिकीकरण

6.चारधाम व कांवड़ यात्रा प्रबंधन,

7. सॉलिड वेस्ट और सीवरेज इंफ्रास्ट्रक्चर,

8. भीड़ प्रबंधन, पार्किंग और सैनिटेशन

मुख्य सचिव का स्पष्ट संदेश:

मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि इन परियोजनाओं की प्रगति में तेजी लाएं और पारदर्शिता सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश को एक ऐसा मॉडल शहर बनाया जाए जो जाम मुक्त, बेहतर निकासी वाला और पब्लिक सुविधाओं से युक्त हो।

कांवड़ यात्रा को मिलेगा नया मार्ग

कांवड़ यात्रा के सुचारू संचालन हेतु देहरादून के माजरी ग्रांट से हरिद्वार के हरिपुर कलां तक एक वैकल्पिक रूट के विस्तृत अध्ययन के भी निर्देश दिए गए हैं।

राफ्टिंग को मिलेगा ग्लोबल स्टैंडर्ड

बैठक में राफ्टिंग गतिविधियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित राफ्टिंग सेंटर में बदलने की योजना पर भी बल दिया गया। यह ऋषिकेश को एडवेंचर टूरिज्म में एक नई ऊंचाई देगा।

एकीकृत दृष्टिकोण पर ज़ोर

मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि परियोजना के डिजाइन और क्रियान्वयन में स्थानीयता को आत्मसात करते हुए विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित किया जाए, ताकि यह कॉरिडोर सिर्फ ढांचागत विकास नहीं बल्कि सांस्कृतिक और पर्यावरणीय रूप से भी समृद्ध हो।

बैठक में प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, सचिव शैलेश बगौली, दिलीप जावलकर, पंकज पांडेय सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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