DEHRADUN: उत्तराखंड में नया भू-कानून लागू हो चुका है, जिससे जमीनों की लूट-खसोट पर रोक लगाने की उम्मीद बढ़ गई है। धामी सरकार के इस ऐतिहासिक फैसले के तहत बाहरी लोगों के लिए जमीन खरीद की शर्तें कड़ी कर दी गई हैं, जिससे पहाड़ों में अनियंत्रित भूमि व्यापार पर नकेल कसी जा सकेगी।
भू-कानून के प्रमुख प्रावधान
बड़ी छूट खत्म: अब कृषि और बागवानी के लिए बाहरी लोगों को 12.5 एकड़ तक जमीन खरीदने की छूट नहीं होगी (हरिद्वार और उधम सिंह नगर को छोड़कर)। इन दो जिलों में भी खरीद प्रक्रिया को सख्त किया गया है।
आवासीय जमीन खरीद पर सख्ती: बाहरी व्यक्ति सिर्फ एक बार ही अधिकतम 250 वर्ग मीटर जमीन खरीद सकता है, वह भी शपथपत्र देकर।
सख्त निगरानी तंत्र: भूमि खरीद पर डिजिटल पोर्टल के जरिए नजर रखी जाएगी, और जिलाधिकारियों को इसकी नियमित रिपोर्ट सरकार को देनी होगी।
भूमि उपयोग में बदलाव नहीं: नगर निकायों में भूमि का इस्तेमाल सिर्फ तयशुदा भू-उपयोग के अनुसार ही होगा, उल्लंघन करने पर सरकार उसे जब्त कर सकती है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसे राज्य की जनता की भावनाओं के अनुरूप बताया और इसे उत्तराखंड की सांस्कृतिक और आर्थिक सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम करार दिया। उत्तराखंड के रजत जयंती वर्ष में सरकार का यह फैसला राज्य के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है।
