देहरादून: उत्तराखंड के 46 चुनिंदा नायकों को 26 जनवरी 2025 को नई दिल्ली में 76वें गणतंत्र दिवस परेड के दौरान कर्तव्य पथ पर विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। ये लोग अपने-अपने क्षेत्रों में असाधारण प्रदर्शन और सरकारी योजनाओं के सर्वोत्तम उपयोग से देश को गौरवान्वित कर रहे हैं।
“गौरवशाली देवभूमि के नायक”
स्वर्णिम भारत के इन वास्तुकारों में अंतर्राष्ट्रीय खेल विजेताओं से लेकर जल योद्धा, सड़क निर्माण श्रमिक, हाथकरघा कारीगर और विभिन्न योजनाओं के लाभार्थी शामिल हैं। इनके नाम न केवल राज्य बल्कि पूरे देश में गर्व का विषय बन गए हैं।
खेलों में चमकते सितारे:
- पैरालंपिक दल और अंतर्राष्ट्रीय खेल विजेताओं में सुश्री अमीषा रावत और श्रीमती दीपा देवी का चयन।
- इन खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत और लगन से राज्य को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई।
सरकारी योजनाओं के चमकते उदाहरण:
- पीएम-विश्वकर्मा योजना: संगीता, सलोनी यादव और कमलेश कश्यप ने इस योजना के तहत अपनी निपुणता से नई ऊंचाइयां छुई हैं।
- पीएम-कुसुम योजना: जोगा सिंह और इं. राजीव रंजन ने अपने क्षेत्र में सौर ऊर्जा का बेहतरीन इस्तेमाल कर मिसाल कायम की।
- पीएम सूर्य घर योजना: राजेश भंडारी, जया शर्मा, विपिन कुमार गुप्ता, और चेतन ओबेरॉय जैसे लाभार्थी सस्टेनेबल एनर्जी के प्रतीक बने।
जल और निर्माण क्षेत्र के योद्धा:
- जल योद्धा: पूजा रावत, रामेश्वरी देवी और ममता ने जल संरक्षण में अपने अनुकरणीय कार्यों से प्रेरणा दी।
- सड़क निर्माण श्रमिक: कुश बुटोला, भूपेंद्र सिंह, नवीन रावत और मोनू कुमार ने आधारभूत संरचना में अपने अभूतपूर्व योगदान से राज्य को मजबूत किया।
- हाथकरघा कारीगर: धन सिंह ने पारंपरिक शिल्पकला को न केवल जीवित रखा बल्कि इसे नई पहचान दी।
कर्तव्य पथ पर होगा ‘देवभूमि’ का प्रतिनिधित्व
गणतंत्र दिवस परेड में उत्तराखंड से आमंत्रित इन विशेष अतिथियों को देखकर हर उत्तराखंडी का सिर गर्व से ऊंचा होगा। इन उपलब्धियों के पीछे उनकी कड़ी मेहनत और दृढ़ निश्चय का योगदान है।
“सभी क्षेत्रों में अद्वितीय योगदान”
देशभर से ऐसे असाधारण व्यक्तियों को गणतंत्र दिवस परेड के लिए आमंत्रित करना उनके कार्यों का राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान है। यह पहल न केवल उनके प्रयासों को मान्यता देती है बल्कि अन्य लोगों को भी प्रेरित करती है।