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उत्तराखंड की वादियों में नया साल: बर्फबारी, जश्न और सैलानियों का मेला

photo- dailyuttrakhand

 

 

देहरादून: उत्तराखंड की बर्फीली वादियों और पहाड़ी सौंदर्य ने इस बार नववर्ष का उत्साह आसमान पर पहुंचा दिया है। लगातार हो रही बर्फबारी और सुहावने मौसम के बीच नैनीताल, मसूरी, औली, चोपता, धनौल्टी और कौसानी जैसे पर्यटन स्थलों पर सैलानियों की भीड़ उमड़ पड़ी है। होटल और होम स्टे पहले से ही फुल बुक हो चुके हैं, जबकि हिमाचल में जाम की वजह से पर्यटक भीड़ को चीरते हुए उत्तराखंड की ओर रुख कर रहे हैं।

सरकार और स्थानीय व्यवसायियों की तैयारियां चरम पर
पर्यटकों के इस जबरदस्त उत्साह को देखते हुए उत्तराखंड सरकार और पर्यटन व्यवसायियों ने खास तैयारियां की हैं। 31 दिसंबर और 1 जनवरी को सैलानियों को देर रात तक जश्न मनाने की विशेष छूट दी जा रही है। राज्य सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि होटल, रेस्टोरेंट और ढाबे चौबीसों घंटे खुले रहें ताकि पर्यटकों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

पर्यटन व्यवसायियों के लिए सुनहरा मौका
नए साल का अवसर स्थानीय व्यवसायियों के लिए बड़ी उम्मीद लेकर आया है। होटल मालिकों, गाइड्स, कैब ड्राइवरों और हस्तशिल्प विक्रेताओं का मानना है कि इस सीजन में उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। वहीं, राज्य सरकार पर्यटकों के निर्बाध आनंद के लिए सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन पर विशेष ध्यान दे रही है।

बर्फबारी बनी सैलानियों का आकर्षण केंद्र
पिछले पखवाड़े में हुई लगातार बर्फबारी ने पर्यटकों के उत्साह को दोगुना कर दिया है। औली और चोपता जैसे हिल स्टेशनों पर बर्फ की सफेद चादर ने इन स्थानों को पोस्टकार्ड जैसा खूबसूरत बना दिया है। होटल और होम स्टे के मालिकों ने पर्यटकों के स्वागत के लिए खास इंतजाम किए हैं, जबकि मशहूर हिल स्टेशनों पर न्यू ईयर पार्टी के लिए विशेष आयोजनों की तैयारी की गई है।

निर्बाध जश्न के लिए सरकार का प्लान
उत्तराखंड सरकार ने नववर्ष के जश्न के लिए विशेष छूट देते हुए होटल और रेस्टोरेंट को चौबीसों घंटे संचालित रखने की अनुमति दी है। इसके अलावा, भीड़भाड़ और ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए राज्य सरकार ने खास इंतजाम किए हैं।

बर्फ, संगीत और उल्लास के संग होगा 2025 का स्वागत
उत्तराखंड की खूबसूरत वादियों में इस बार नववर्ष का स्वागत बर्फबारी, जश्न और उल्लास के साथ होगा। चाहे नैनीताल की झीलें हों, मसूरी की पहाड़ियां, या औली की बर्फ से ढकी ढलानें—हर कोना सैलानियों के जश्न का गवाह बनेगा। तो इस नए साल के स्वागत के लिए उत्तराखंड तैयार है, क्या आप हैं?

 
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