नई दिल्ली: भारत को नया उपराष्ट्रपति मिल गया है। एनडीए के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन ने उपराष्ट्रपति चुनाव में निर्णायक जीत हासिल की। उन्हें कुल 452 वोट प्राप्त हुए, जबकि इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी को 300 वोट मिले। इस चुनाव में कुल 767 सांसदों ने मतदान किया, जिसमें लोकसभा और राज्यसभा के सांसद शामिल थे।
प्रभावशाली चुनाव प्रक्रिया
नया संसद भवन स्थित मतदान केंद्र पर मंगलवार सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान संपन्न हुआ। कुल 781 सांसदों को वोट डालना था, लेकिन 13 सांसद नदारद रहे – जिनमें बीजेडी के 7, बीआरएस के 4, अकाल दल का 1 और एक निर्दलीय सांसद शामिल थे।
प्रतिद्वंदिता और राजनीति का मंच
एनडीए ने महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को उम्मीदवार बनाया, जबकि इंडिया गठबंधन ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी को अपनी चुनौती के रूप में मैदान में उतारा। इस ऐतिहासिक प्रक्रिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी समेत तमाम बड़े नेता अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर मताधिकार का प्रयोग किया।
मतगणना के बाद विपक्ष का रुख
मतगणना शुरू होते ही पूर्व जस्टिस सुदर्शन रेड्डी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर पहुंचे। विपक्ष के अंदर निराशा के संकेत भी देखने को मिले।
निर्णायक जीत का संदेश
सीपी राधाकृष्णन को जीतने के लिए आवश्यक न्यूनतम 391 वोट चाहिए थे, लेकिन उन्होंने इससे कहीं अधिक वोट हासिल कर एनडीए की ताकत का परचम लहरा दिया।
भारत की संवैधानिक जिम्मेदारी में नया अध्याय
अब सीपी राधाकृष्णन उपराष्ट्रपति के रूप में भारतीय लोकतंत्र के संवैधानिक कर्तव्यों का निर्वाह करेंगे। उनकी जिम्मेदारी केवल संसद की कार्यवाही की अध्यक्षता तक सीमित नहीं होगी, बल्कि राष्ट्रीय एकता और संवैधानिक मूल्यों का संवर्धन भी उनकी प्राथमिकता होगी।
