पीटीआई। जजों की पेंशन मामले में 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिव मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष व्यक्तिगत रूप से पेश होंगे।
शीर्ष अदालत ने न्यायिक अधिकारियों को पेंशन बकाया और सेवानिवृत्ति लाभों के भुगतान पर द्वितीय राष्ट्रीय न्यायिक वेतन आयोग (एसएनजेपीसी) की सिफारिशों को लागू नहीं करने के लिए उन्हें तलब किया है।
जिन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य सचिव सुप्रीम कोर्ट में पेश होंगे उनमें तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, बंगाल, छत्तीसगढ़, दिल्ली, असम, नगालैंड, मेघालय, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, झारखंड, केरल, बिहार, गोवा, हरियाणा और ओडिशा शामिल हैं।
प्रधान न्यायाधीश ने कही ये बात
प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पार्डीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ ने अखिल भारतीय न्यायाधीश संघ की याचिका और 22 अन्य समान याचिकाओं को मंगलवार को सुबह साढ़े 10 बजे सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है।
प्रधान न्यायाधीश ने 22 अगस्त को कहा था, मैं देख सकता हूं कि कोई ठोस अनुपालन नहीं हुआ है। मुख्य सचिवों को व्यक्तिगत रूप से पेश होना होगा।
Related posts:
डॉ0 कल्पना सैनी : बीजेपी संगठन की पसंद और RSS के भरोसे ने बनाया राज्यसभा उम्मीदवार
सीएम धामी से सांसद अनुराग ठाकुर की मुलाकात, राज्य–देश के अहम मुद्दों पर हुई चर्चा
त्रिपुरा के गंडाटविसा में छात्र की मौत के बाद हिंसा पर न्यायिक जांच की मांग: कांग्रेस
IAS प्रशांत आर्या को युवा कल्याण की नई जिम्मेदारी, कई अहम विभागों का संभालेंगे कार्यभार"
राहुल गांधी की केदारनाथ यात्रा पर बीजेपी का कटाक्ष
(Visited 220 times, 1 visits today)

