देहरादून : उत्तराखंड में बेटियों से जुड़े उत्पीड़न के मामले को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह के भाइयों के खिलाफ कार्रवाई का समर्थन करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की भूमिका पर सवाल उठाने वाले कांग्रेस नेताओं को जवाब दिया।
भाजपा प्रदेश मुख्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान भट्ट ने कहा कि मुख्यमंत्री ने मामले का संज्ञान लिया है और सरकार की कार्रवाई के साथ भाजपा खड़ी है। उनके मुताबिक, यदि किसी व्यक्ति और उसकी बेटियों को फोन पर अपशब्द कहकर धमकाया गया है, तो इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने संबंधित ऑडियो में सुनाई देने वाली कथित भाषा को निंदनीय बताते हुए कहा कि ऐसे मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
कांग्रेस की न्याय यात्रा पर भी निशाना
महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस की प्रस्तावित न्याय यात्रा पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस पार्टी के नेताओं के परिजनों पर बेटियों को फोन पर धमकाने और अपमानित करने के आरोप लग रहे हों, उसे न्याय यात्रा निकालने से पहले इन सवालों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस की यात्रा को ‘अन्याय यात्रा’ कहा जाना चाहिए।
भट्ट ने न्याय यात्रा में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने के कांग्रेस के दावों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता जनता से कटे हुए हैं और उन्हें जनसमर्थन का सही आकलन नहीं है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कांग्रेस की ऐसी यात्राओं से जनता प्रभावित नहीं होती।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस में आंतरिक विभाजन की आशंका भी जताई और कहा कि पार्टी की यात्रा आगे चलकर उसके भीतर मतभेद बढ़ा सकती है।
यह पूरा मामला फिलहाल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के केंद्र में है। भाजपा ने कार्रवाई को उचित बताते हुए सरकार का समर्थन किया है, जबकि कांग्रेस नेताओं की ओर से मुख्यमंत्री की भूमिका पर सवाल उठाए जाने का भट्ट ने विरोध किया। मामले में आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आना भी महत्वपूर्ण है।

