उत्तराखंड में रोजगार और आजीविका पर ₹559 करोड़ खर्च करने की तैयारी, ग्रीन मिशन का नया रोडमैप

 

 

 

देहरादून: उत्तराखंड में जंगलों के संरक्षण के साथ स्थानीय लोगों की आजीविका और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। ग्रीन इंडिया मिशन के तहत वर्ष 2031 तक की कार्ययोजना में आजीविका संवर्धन से जुड़ी गतिविधियों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए वर्तमान परिप्रेक्ष्य योजना के क्रियान्वयन में ₹559.16 करोड़ की वित्तीय आवश्यकता का आकलन किया गया है।

बुधवार को सचिवालय में प्रमुख सचिव वन एवं पर्यावरण आर.के. सुधांशु की अध्यक्षता में राज्य वन विकास अभिकरण की सातवीं राज्य स्तरीय कार्यकारी समिति की बैठक हुई। इसमें अगले पांच वर्षों के लिए मिशन की कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को रोजगार सृजन पर केंद्रित विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए।

वन पंचायतों में भी होगा सी-बकथोर्न का पौधरोपण

प्रमुख सचिव ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रदेश में रोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराना है। इसके लिए ग्रीन इंडिया मिशन के तहत स्थानीय समुदायों को आजीविका से जोड़ने वाली गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने वन पंचायतों में भी सी-बकथोर्न का पौधरोपण करने और आजीविका संवर्धन से जुड़े विषयों पर जल्द बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए।

₹559.16 करोड़ की जरूरत का आकलन

बैठक में बताया गया कि राज्य वन विकास अभिकरण के माध्यम से ग्रीन इंडिया मिशन, नगर वन योजना और स्कूल नर्सरी योजना संचालित की जा रही हैं। अभिकरण का वर्ष 2031 तक के लिए नवीनीकरण किया गया है। ग्रीन इंडिया मिशन के तहत तीन सब-मिशन में काम किया जाना है। मौजूदा परिप्रेक्ष्य योजना को लागू करने के लिए ₹559.16 करोड़ की वित्तीय आवश्यकता आंकी गई है।

₹31.45 करोड़ की वार्षिक योजना केंद्र को भेजी

अधिकारियों ने बताया कि ग्रीन इंडिया मिशन के नए कार्यों को छोड़कर जुलाई 2025 और मई 2026 में कुल ₹31.45 करोड़ की वार्षिक परिचालन योजना केंद्र सरकार को भेजी गई है। धनराशि स्वीकृत होने और जारी होने के बाद स्थानीय समुदायों की आजीविका को मजबूत करने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए जाएंगे।

बैठक में पिछली कार्यकारी समिति के निर्देशों के अनुपालन की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों के अनुसार, सभी जिलों में वन विकास अभिकरण की बैठकें आयोजित की जा रही हैं। पौधरोपण कार्यों को सफल बनाने के लिए नोडल अधिकारी के सुझाव सभी प्रभागीय वनाधिकारियों को भेजे गए हैं।

बैठक में प्रमुख वन संरक्षक (हॉफ) कपिल लाल, पीसीसीएफ वन्यजीव नीना ग्रेवाल, एपीसीसीएफ विवेक पांडेय, अपर प्रमुख वन संरक्षक मीनाक्षी जोशी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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