TMP : भारतीय महिला कबड्डी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए ईरान को 37-34 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ भारत ने महिला कबड्डी में अपना चौथा एशियन गेम्स स्वर्ण पदक जीता और पिछली बार का खिताब भी बरकरार रखा।
टोकाई सिटी में खेले गए फाइनल में भारतीय टीम ने शुरुआत से ही मुकाबले पर पकड़ बनाए रखी। पहले हाफ में भारत 22-16 से आगे था, लेकिन दूसरे हाफ में ईरान ने जोरदार वापसी की। आखिरी दौर में मुकाबला बेहद करीबी रहा, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने दबाव के बीच अपनी बढ़त कायम रखी और 37-34 से जीत दर्ज की।
2018 की हार का बदला, फिर बनी चैंपियन
भारत और ईरान की महिला कबड्डी टीमों के बीच एशियन गेम्स में पुरानी प्रतिद्वंद्विता रही है। 2018 के जकार्ता एशियन गेम्स के फाइनल में ईरान ने भारत को 27-24 से हराकर उसका लगातार तीसरा गोल्ड जीतने का सपना तोड़ दिया था।
इसके बाद भारत ने 2022 में खिताब वापस हासिल किया और अब 2026 में ईरान को फाइनल में हराकर एक और स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।
2010 से महिला कबड्डी में भारत का दबदबा
एशियन गेम्स में महिला कबड्डी को पहली बार 2010 के ग्वांगझू खेलों में शामिल किया गया था। भारत ने उसी संस्करण में गोल्ड जीता। इसके बाद 2014 में भी भारतीय टीम चैंपियन बनी।
2018 में ईरान ने भारत की जीत का सिलसिला रोका, लेकिन 2022 में भारत ने फिर गोल्ड जीता और 2026 में खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया। इस तरह भारत ने पांच संस्करणों में चार गोल्ड और एक सिल्वर अपने नाम किया है।
फाइनल में भारत की मजबूत टीम
2026 के अभियान में भारतीय टीम ने पूरे टूर्नामेंट में अपना दबदबा बनाए रखा। फाइनल में ईरान के खिलाफ भी टीम ने रक्षात्मक खेल के साथ अहम मौकों पर अंक जुटाए और मुकाबले को अपने पक्ष में किया। भारतीय टीम की कप्तानी पुष्पा राणा ने की।
एशियन गेम्स में महिला कबड्डी का रिकॉर्ड
महिला कबड्डी में भारत के चार स्वर्ण और एक रजत पदक हैं। ईरान ने एक स्वर्ण सहित कई पदक जीते हैं और 2018 में भारत को हराकर खिताब अपने नाम किया था। 2026 के फाइनल के बाद भारत एक बार फिर महिला कबड्डी में एशियन गेम्स चैंपियन बन गया है।

