नई दिल्ली: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच यूक्रेन अपनी हवाई ताकत बढ़ाने की कोशिश में जुटा है। इसी कड़ी में पोलैंड से 6 से 8 MiG-29 लड़ाकू विमान हासिल करने की बातचीत अंतिम चरण में पहुंचने की खबर है। रिपोर्टों के मुताबिक, आने वाले हफ्तों में इन विमानों की आपूर्ति हो सकती है।
MiG-29 के बदले ड्रोन टेक्नोलॉजी
बताया जा रहा है कि प्रस्तावित समझौते के तहत यूक्रेन, पोलैंड को लंबी दूरी के ड्रोन और उनकी तकनीक उपलब्ध कराएगा। यूक्रेनी कंपनी Fire Point ने करीब 1,500 ड्रोन देने और युद्ध की स्थिति में अतिरिक्त ड्रोन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा है।
पुराने विमान, लेकिन युद्ध में उपयोगी
पोलैंड के ये MiG-29 सोवियत दौर के विमान हैं और उनकी सेवा अवधि काफी आगे बढ़ चुकी है। हालांकि, इनमें किए गए तकनीकी बदलाव इन्हें आधुनिक हथियारों के इस्तेमाल के योग्य बनाते हैं। यूक्रेन इन विमानों का इस्तेमाल रूसी रडार और एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाने में कर सकता है।
इनसे पश्चिमी हथियारों के साथ-साथ स्मार्ट ग्लाइड बम भी इस्तेमाल किए जाने की संभावना बताई जा रही है। ऐसे हथियार दूर से लक्ष्य पर हमला करने की क्षमता देते हैं।
यूक्रेन के लिए क्यों अहम है MiG-29?
MiG-29 एक ट्विन-इंजन सोवियत डिजाइन वाला लड़ाकू विमान है, जिसे खास तौर पर हवाई युद्ध के लिए विकसित किया गया था। यूक्रेन के मौजूदा बेड़े में ऐसे विमानों की मौजूदगी के कारण अतिरिक्त MiG-29 मिलने से उसके लड़ाकू विमान बेड़े को मजबूती मिल सकती है।

