सीएम राहत कोष के नाम पर छात्रों से वसूली! फर्जी पत्र बनाकर स्कूलों में पहुंचा कथित जादूगर
The Mountain People
अल्मोड़ा: मुख्यमंत्री राहत कोष के नाम पर स्कूली छात्रों से धनराशि वसूले जाने का मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। आरोप है कि एक कथित जादूगर ने मुख्य शिक्षा अधिकारी (सीईओ) कार्यालय का फर्जी पत्र तैयार कर विद्यालयों में प्रति छात्र 10 रुपये का अंशदान लेना शुरू कर दिया।
AI से बनाया फर्जी आदेश!
शिक्षा विभाग के अनुसार, सीईओ कार्यालय ने 16 मई को हरियाणा निवासी महेश शर्मा को केवल निःशुल्क वैज्ञानिक मैजिक शो और सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति दी थी। अनुमति पत्र में स्पष्ट लिखा गया था कि विद्यार्थियों से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा।
लेकिन आरोप है कि इसी पत्र का कथित तौर पर एआई की मदद से फर्जी संस्करण तैयार किया गया, जिसमें प्रति छात्र 10 रुपये लेने और उसमें से 30 प्रतिशत राशि मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा कराने का उल्लेख किया गया।
विभाग ने बताया फर्जी, होगी कानूनी कार्रवाई
शिक्षा विभाग ने साफ किया है कि शुल्क वसूली से संबंधित पत्र पूरी तरह फर्जी है। विभाग का कहना है कि यदि मुख्यमंत्री राहत कोष का नाम लेकर छात्रों या विद्यालयों से धनराशि ली गई है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य शिक्षा अधिकारी चंदन सिंह बिष्ट ने कहा कि विभाग ने केवल निःशुल्क जागरूकता कार्यक्रम की अनुमति दी थी, किसी भी तरह की धनराशि वसूलने की अनुमति नहीं दी गई थी। मामले की जांच की जा रही है और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।