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उत्तराखंड में अगले 48 घंटे भारी! 11 जिलों पर फ्लैश फ्लड का खतरा, सरकार ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट

photo - shabdsanchi

 

 

 

देहरादून: उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर रौद्र रूप दिखा सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 28 और 29 जुलाई के लिए राज्य के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। लगातार बारिश और अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) की आशंका को देखते हुए राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।

किन जिलों में सबसे ज्यादा खतरा?

मौसम विभाग के अनुसार 28 जुलाई को उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, ऊधम सिंह नगर, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और नैनीताल में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज-चमक, आकाशीय बिजली और अत्यधिक तीव्र वर्षा की भी संभावना जताई गई है।

वहीं 29 जुलाई को उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और नैनीताल में भी ऑरेंज अलर्ट जारी रहेगा। कई स्थानों पर तेज बारिश के साथ बिजली गिरने और मौसम के अचानक बिगड़ने की चेतावनी दी गई है।

11 जिलों में फ्लैश फ्लड का अलर्ट

आईएमडी के फ्लैश फ्लड गाइडेंस बुलेटिन के मुताबिक अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, चंपावत, देहरादून, पौड़ी, टिहरी, नैनीताल, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों में अगले 24 घंटों के दौरान अचानक बाढ़ का खतरा बना हुआ है।

प्रशासन ने आशंका जताई है कि लगातार बारिश से छोटे नदी-नाले उफान पर आ सकते हैं, निचले इलाकों में जलभराव हो सकता है और संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ सकती हैं।

चारधाम यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए एडवाइजरी

आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग के सचिव विनोद कुमार सुमन ने लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों को गंभीरता से लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और यदि यात्रा जरूरी हो तो सड़क और मौसम की ताजा स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही निकलें।

प्रशासन ने लोगों को नदी-नालों, भूस्खलन संभावित ढलानों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है। साथ ही उफनते जलस्रोतों को पार न करने और केवल प्रशासन व मौसम विभाग की आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने को कहा गया है।

24 घंटे निगरानी पर प्रशासन

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) और सभी जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र (DEOC) को 24×7 सक्रिय रखा गया है। राहत एवं बचाव दलों, मशीनरी और अन्य आवश्यक संसाधनों को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।

बारिश के इस दौर को देखते हुए प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने और सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

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