देहरादून: उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के बीच मौसम एक बार फिर चुनौती बन सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आगामी चार दिनों के दौरान प्रदेश के कई पर्वतीय जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। इसके चलते चारधाम यात्रा मार्गों पर भूस्खलन, मलबा आने और सड़कें बाधित होने का खतरा बढ़ गया है।
मौसम विभाग के अनुसार 23 जुलाई से बारिश की गतिविधियां तेज होंगी, जबकि 25 और 26 जुलाई को कई जिलों में भारी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। चेतावनी वाले जिलों में उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, देहरादून, पिथौरागढ़, बागेश्वर और नैनीताल शामिल हैं।
चारधाम यात्रा मार्ग पहले से ही कई संवेदनशील लैंडस्लाइड जोन से होकर गुजरते हैं। लगातार बारिश के दौरान इन क्षेत्रों में चट्टानें और मलबा गिरने की घटनाएं बढ़ सकती हैं, जिससे यात्रा प्रभावित होने की आशंका है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले कुछ दिन पर्वतीय क्षेत्रों के लिए संवेदनशील रहेंगे। ऐसे में यात्रियों और स्थानीय लोगों को मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग की चेतावनी के बाद राज्य आपदा प्रबंधन विभाग और जिला प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है। संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाने, जेसीबी और राहत-बचाव दलों की तैनाती तथा मार्गों की लगातार मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने चारधाम यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले मौसम और मार्ग की स्थिति की जानकारी अवश्य लें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। खराब मौसम के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में परिस्थितियां तेजी से बदल सकती हैं, इसलिए सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।

