देहरादून को मिलेगी नई पहचान: राष्ट्रपति मुर्मू के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘राष्ट्रपति उद्यान’ का नवंबर तक होगा लोकार्पण
The Mountain People
देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून जल्द ही एक ऐसी सौगात पाने जा रही है, जो पर्यटन, संस्कृति और प्रकृति प्रेमियों के लिए आकर्षण का नया केंद्र बनेगी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के ड्रीम प्रोजेक्ट के रूप में विकसित हो रहा ‘राष्ट्रपति उद्यान’ तेजी से आकार ले रहा है और इसके नवंबर 2026 तक पूर्ण होकर आम जनता के लिए खुलने की उम्मीद है।
हाल ही में भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) की पासिंग आउट परेड में शामिल होने देहरादून पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना का भी निरीक्षण किया। खराब मौसम और तेज हवाओं के बावजूद उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और तय समयसीमा को लेकर अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली।
132 एकड़ में विकसित हो रहा आधुनिक उद्यान
करीब 132 एकड़ क्षेत्र में विकसित हो रहा राष्ट्रपति उद्यान राज्य की सबसे बड़ी और आधुनिक परियोजनाओं में शामिल है। इस परिसर को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि यहां आने वाले लोगों को प्रकृति, संस्कृति, मनोरंजन और स्वास्थ्य से जुड़ी विविध सुविधाएं एक ही स्थान पर मिल सकें।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शिलान्यास राष्ट्रपति मुर्मू ने जून 2025 में किया था। तब से केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) की देखरेख में निर्माण कार्य लगातार तेजी से जारी है।
राष्ट्रपति खुद रख रही हैं नजर
राष्ट्रपति के निरीक्षण को परियोजना के प्रति उनकी विशेष रुचि और प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि राष्ट्रपति समय-समय पर इस परियोजना की प्रगति की जानकारी लेती रही हैं।
पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
देहरादून के जिलाधिकारी आशीष चौहान के अनुसार निर्माण कार्य निर्धारित गति से चल रहा है और नवंबर तक परियोजना के पूरा होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी कार्य किए जा रहे हैं।
राष्ट्रपति उद्यान केवल एक पार्क नहीं होगा, बल्कि यह देहरादून की नई पहचान के रूप में उभरेगा। इससे पर्यटन गतिविधियों को नई उड़ान मिलेगी, स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। साथ ही यह स्थान सांस्कृतिक आयोजनों और सामाजिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनने की क्षमता रखता है।
उत्तराखंड के लिए यह परियोजना एक ऐसी विरासत साबित हो सकती है, जो राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान दिलाने के साथ-साथ देहरादून को देश के प्रमुख पर्यटन और सांस्कृतिक केंद्रों में शामिल करेगी।