देहरादून। देहरादून समेत पूरे उत्तराखंड में प्रीपेड स्मार्ट मीटर को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है। राज्य में करीब 30 लाख बिजली कनेक्शनों के मुकाबले अभी तक केवल लगभग 1500 स्मार्ट प्रीपेड मीटर ही लगाए जा सके हैं, ऐसे में सरकार अब इसकी स्वीकार्यता बढ़ाने के लिए नए आकर्षक प्रावधान लागू कर रही है।
सबसे बड़ा फायदा यह है कि प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं को कुल बिजली बिल पर 4 प्रतिशत की छूट मिलेगी। इसके अलावा अब बैलेंस खत्म होते ही बिजली तुरंत नहीं काटी जाएगी, जिससे उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी।
रात में नहीं कटेगी बिजली
सरकार ने तय किया है कि शाम 6 बजे से सुबह 8 बजे तक यदि बैलेंस खत्म भी हो जाए, तो बिजली आपूर्ति जारी रहेगी। साथ ही रविवार, दूसरे शनिवार और अन्य सरकारी छुट्टियों में भी कनेक्शन नहीं काटा जाएगा।
30 दिन तक बिना बैलेंस भी बिजली
एक किलोवाट तक के उपभोक्ताओं को बैलेंस खत्म होने के बाद भी 30 दिनों तक बिजली मिलती रहेगी, ताकि गरीब और मध्यम वर्ग के लोग बिना दबाव के रीचार्ज कर सकें।
इमरजेंसी में ‘उधार’ बिजली
दो किलोवाट तक के उपभोक्ताओं को 200 रुपये तक नेगेटिव बैलेंस की सुविधा दी गई है। यानी जरूरत पड़ने पर उपभोक्ता बिजली उधार ले सकेंगे, जिसकी राशि अगले रीचार्ज से अपने आप कट जाएगी।
पहले अलर्ट, फिर कटेगा कनेक्शन
अब बिना सूचना के बिजली नहीं काटी जाएगी। विभाग को कम से कम 5 SMS अलर्ट भेजना अनिवार्य किया गया है, जिससे उपभोक्ताओं को समय रहते जानकारी मिल सके।
अभी शुरुआती चरण में योजना
फिलहाल उत्तराखंड में स्मार्ट प्रीपेड मीटरिंग योजना शुरुआती दौर में है। अधिकतर मीटर सरकारी कार्यालयों में लगाए जा रहे हैं, जबकि कुछ शहरी क्षेत्रों में इसे पायलट प्रोजेक्ट के तहत लागू किया गया है। नए कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं को भी सीधे प्रीपेड मीटर दिए जा रहे हैं।
सरकार के ये नए फैसले उपभोक्ताओं की सुविधा और भरोसा बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम माने जा रहे हैं। यदि यह योजना सफल रहती है, तो आने वाले समय में पूरे राज्य में स्मार्ट मीटरिंग का दायरा तेजी से बढ़ सकता है।

