देहरादून: मुख्यमंत्री धामी ने वर्ष 2026–27 के बजट में आत्मनिर्भर उत्तराखंड की दिशा में कृषि, उद्योग और पर्यटन को विकास के प्रमुख ‘ड्राइवर्स’ के रूप में चिन्हित किया है। सरकार का मानना है कि इन तीन क्षेत्रों को समान रूप से आगे बढ़ाकर ऐसा माहौल बनाया जा सकता है, जिससे उत्पादकता बढ़े, निवेश आकर्षित हो और लोगों को सम्मानजनक आजीविका के अवसर मिलें।
राज्य सरकार ने बजट में इन तीनों क्षेत्रों को मजबूत करने के लिए कई योजनाओं में महत्वपूर्ण वित्तीय प्रावधान किए हैं।
कृषि और संबंधित क्षेत्रों पर फोकस
कृषि और बागवानी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाओं के लिए बजट निर्धारित किया गया है।
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उद्यान बीमा योजना – ₹40 करोड़
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मुख्यमंत्री राज्य कृषि विकास योजना – ₹20 करोड़
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कीवी और ड्रैगन फ्रूट प्रोत्साहन योजना – ₹30.70 करोड़
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मिशन एप्पल – ₹42 करोड़
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फसलों की सुरक्षा (घेरबाड़) – ₹20 करोड़
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चाय विकास योजना – ₹25.93 करोड़
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सुगंध पौधा विकास व अन्य – ₹24.75 लाख
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महक क्रांति योजना – ₹10 करोड़
उद्योग क्षेत्र को बढ़ावा
औद्योगिक विकास और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए भी कई योजनाओं में प्रावधान किए गए हैं।
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सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम सहायता योजना – ₹75 करोड़
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मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना – ₹60 करोड़
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मेगा इंडस्ट्रियल एवं मेगा टेक्सटाइल नीति अनुदान – ₹25 करोड़
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निवेश प्रोत्साहन, स्टार्टअप और उद्यमिता – ₹30 करोड़
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स्टार्टअप वेंचर फंड – ₹25 करोड़
पर्यटन क्षेत्र में भी बड़ा निवेश
पर्यटन क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए बजट में पर्याप्त प्रावधान किए गए हैं।
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पर्यटन विभाग के राजस्व मद में – ₹210.59 करोड़
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पर्यटन विभाग के पूंजीगत मद में – ₹296.45 करोड़
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वैश्विक पर्यटक स्थलों के विकास के लिए – ₹10 करोड़
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इको-टूरिज्म गतिविधियों के लिए – ₹18.50 करोड़
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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस आयोजन के लिए – ₹2 करोड़
सरकार का मानना है कि कृषि, उद्योग और पर्यटन के समन्वित विकास से राज्य में निवेश बढ़ेगा, रोजगार के अवसर पैदा होंगे और उत्तराखंड आत्मनिर्भरता की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ेगा।