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केंद्रीय कृषि अवसंरचना कोष से उत्तराखंड के 307 किसानों को लाभ, 680 परियोजनाओं को मिली सैद्धांतिक मंजूरी

 

 

 

देहरादून: केंद्रीय कृषि अवसंरचना कोष (AIF) के तहत उत्तराखंड में अब तक 307 किसान लाभान्वित हो चुके हैं, जबकि 680 अन्य प्रस्तावों को सैद्धांतिक सहमति प्रदान की गई है। यह जानकारी राज्यसभा में अतारांकित प्रश्न संख्या 2262 के लिखित उत्तर में केंद्र सरकार द्वारा दी गई।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कृषि अवसंरचना कोष के अंतर्गत चयनित किसानों और उत्तराखंड की भागीदारी को लेकर केंद्र सरकार से विस्तृत जानकारी मांगी थी। इसके जवाब में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने सदन को अवगत कराया कि यह योजना केवल व्यक्तिगत किसानों तक सीमित नहीं है, बल्कि किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ), प्राथमिक कृषि ऋण समितियां (पीएसीएस), विपणन एवं बहुउद्देशीय सहकारी समितियां, स्वयं सहायता समूह (एसएचजी), संयुक्त देयता समूह (जेएलजी), कृषि उपज मंडी समितियां (एपीएमसी), कृषि उद्यमी, स्टार्ट-अप तथा केंद्रीय व राज्य एजेंसियों के लिए भी उपलब्ध है।

केंद्र सरकार द्वारा जुलाई 2020 में शुरू की गई कृषि अवसंरचना कोष योजना के अंतर्गत अब तक देशभर में 67,007 व्यक्तिगत किसानों को लाभ दिया जा चुका है, जिनमें उत्तराखंड के 307 किसान शामिल हैं। इसके अतिरिक्त कुल 1,39,837 मामलों को स्वीकृति प्रदान की गई है, जिनमें से 680 मामले उत्तराखंड से संबंधित हैं।

सरकार के अनुसार इस योजना का उद्देश्य कृषि अवसंरचना को मजबूत करना, भंडारण, प्रोसेसिंग और विपणन सुविधाओं का विस्तार करना तथा किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करना है।

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