सवाड़ (चमोली): मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर रविवार को सवाड़, चमोली पहुँचे, जहाँ क्षेत्रवासियों, पूर्व सैनिकों तथा उनके परिजनों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णयों और घोषणाओं की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि ग्वालदम–देवाल–वाण मोटर मार्ग को नंदा देवी राजजात के आयोजन के उपरांत बीआरओ को सौंपने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी, जिससे सड़क की गुणवत्ता, रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाएगा। साथ ही रामपुर तोर्ती को कुमाऊं क्षेत्र से जोड़ने वाली सड़क के निर्माण को सरकार की प्राथमिकता बताया।
उन्होंने थराली के तलवाड़ी तथा नंदानगर के लांखी क्षेत्र में मिनी स्टेडियम निर्माण को स्वीकृति दिए जाने की जानकारी देते हुए कहा कि इससे स्थानीय युवाओं को खेल सुविधाएँ और आगे बढ़ने के नए अवसर मिलेंगे।
मुख्यमंत्री ने ‘अमर शहीद सैनिक मेला, सवाड़’ को राजकीय मेला घोषित करने की भी घोषणा की, जिसकी लंबे समय से स्थानीय जनता और पूर्व सैनिक समाज मांग कर रहा था। इस निर्णय को क्षेत्र की गौरवशाली सैन्य परंपरा के सम्मान की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने सवाड़ स्थित सैनिक स्मृति संग्रहालय का अवलोकन कर देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। 18वें ‘अमर शहीद सैनिक मेला’ के उद्घाटन अवसर पर उन्होंने कहा कि सवाड़ की धरती हमेशा राष्ट्रभक्ति, समर्पण और शौर्य की मिसाल रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं सैनिक परिवार से आते हैं, और इस वीरभूमि पर पहुँचकर उन्हें अपने पिता द्वारा सुनाई गई वीरगाथाएं स्मरण हो आईं। उन्होंने कहा कि सवाड़ गांव के वीर जवानों ने सदैव राष्ट्र की रक्षा के लिए अतुलनीय योगदान दिया है, जिसकी पहचान पूरे देश में है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहा है और कई रक्षा उपकरणों का निर्यात करने वाला अग्रणी राष्ट्र बन चुका है। उन्होंने हाल ही में संचालित ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भारत की सैन्य शक्ति, सैनिकों के साहस और स्वदेशी हथियारों की क्षमता का जीवंत उदाहरण है।
सामाजिक विषयों पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लव जिहाद और थूक जिहाद जैसी विकृतियों पर रोक लगाने के लिए सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं, ताकि देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक समरसता सुरक्षित रह सके।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन चुका है, जिसने समान नागरिक संहिता (UCC) को व्यावहारिक रूप से लागू किया है। इसे उन्होंने सरकार की बड़ी ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि सरकार केवल घोषणाओं में नहीं, बल्कि उन्हें जमीन पर उतारने में विश्वास रखती है।

