रजत जयंती वर्ष में पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय में वृहद कृषक सम्मेलन आयोजित

 

 

 

पंतनगर: उत्तराखंड राज्य स्थापना के रजत जयंती उत्सव के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को पंतनगर कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में वृहद कृषक सम्मेलन का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर कृषि, उद्यान, दुग्ध, मत्स्य और सहकारिता क्षेत्रों के प्रगतिशील कृषकों तथा “लखपति दीदीयों” को मुख्यमंत्री ने प्रतीक चिन्ह, प्रशस्ति पत्र और अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में कृषि मंत्री श्री गणेश जोशी भी उपस्थित रहे।

“किसानों का पसीना हमारी ताकत है”

मुख्यमंत्री ने किसानों को राज्य स्थापना दिवस की बधाई देते हुए कहा कि “किसान भाइयों का परिश्रम और त्याग ही हमारी सच्ची पूंजी है, और उनका पसीना हमारी ताकत।” उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन केवल कृषि योजनाओं की चर्चा नहीं, बल्कि किसानों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का अवसर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के सशक्तिकरण के बिना राष्ट्र का सशक्तिकरण अधूरा है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत” के सपने का उल्लेख करते हुए कहा कि यह तभी संभव है जब “हमारा किसान विकसित होगा।”

कृषि है मानव जीवन का आधार

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती-किसानी से ही हमारा समाज और संस्कृति पनपी है। उन्होंने कहा कि “मेरे लिए खेती करना देव उपासना जैसा है।” अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उनके पिता एक सैनिक और किसान दोनों थे, और आज भी उन्हें जब अवसर मिलता है तो वे अपने गाँव जाकर खेती करते हैं। उन्होंने कहा कि खेती उन्हें “आत्मिक शांति और मिट्टी से जुड़ाव” प्रदान करती है, जो उनके अस्तित्व और कर्तव्य का बोध कराती है।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि बनी वरदान

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 के बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों का अभूतपूर्व सशक्तिकरण हुआ है। देशभर के 11 करोड़ किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से सहायता मिल रही है, जिनमें उत्तराखंड के लगभग 9 लाख किसान शामिल हैं। उन्होंने कहा कि बीज से बाजार तक की यात्रा को सुगम और लाभदायक बनाना केंद्र सरकार की प्राथमिकता है।

किसानों के कल्याण को समर्पित राज्य सरकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को तीन लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण दे रही है। साथ ही फार्म मशीनरी बैंक योजना के तहत कृषि उपकरण खरीदने पर 80% तक सब्सिडी प्रदान की जा रही है।

उन्होंने बताया कि सिंचाई नहरों से पानी मुफ्त उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।

राज्य सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने हेतु 200 करोड़ रुपये से पॉलीहाउस निर्माण योजना शुरू की है। अब तक 350 से अधिक पॉलीहाउस स्थापित किए जा चुके हैं। किसानों को गेहूं खरीद पर 20 रुपये प्रति क्विंटल बोनस और गन्ने के मूल्य में 20 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी दी गई है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में 1,000 करोड़ रुपये की लागत से “उत्तराखंड क्लाइमेट रिस्पॉन्सिव रेन-फेड फार्मिंग प्रोजेक्ट” स्वीकृत किया गया है। बागवानी क्षेत्र में 1200 करोड़ रुपये की लागत से नई सेब नीति, कीवी नीति, स्टेट मिलेट मिशन और ड्रैगन फ्रूट नीति लागू की गई है।

कृषि और बागवानी में नई ऊँचाइयाँ

मुख्यमंत्री ने कहा कि फलों की उत्पादकता में ढाई गुना वृद्धि हुई है। पहले जहाँ प्रति हेक्टेयर 1.82 मीट्रिक टन उत्पादन था, अब यह बढ़कर 4.52 मीट्रिक टन हो गया है। मशरूम उत्पादन में उत्तराखंड देश में पाँचवें स्थान पर है — जहाँ पहले 500 मीट्रिक टन उत्पादन होता था, वहीं अब 27,390 मीट्रिक टन तक पहुँच गया है। राज्य शहद उत्पादन में आठवें स्थान पर है, जहाँ 3,320 मीट्रिक टन शहद का उत्पादन हो रहा है।

टी-टूरिज्म और सगंध खेती को प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री ने बताया कि जापान सहयोगित एकीकृत औद्यानिक विकास परियोजना के तहत 526 करोड़ रुपये की परियोजना टिहरी, उत्तरकाशी, नैनीताल और पिथौरागढ़ में चलाई जा रही है।

सगंध पौधा केंद्र की पहल से 9,500 हेक्टेयर क्षेत्र में एरोमा खेती विकसित की गई है, जिससे 28,000 से अधिक किसान जुड़े हैं।

राज्य में चाय की खेती अब 1,585 हेक्टेयर क्षेत्र में फैल चुकी है, जिससे 6 लाख किलोग्राम हरी पत्तियाँ और 1.5 लाख किलोग्राम प्रसंस्कृत चाय उत्पादित हो रही है।

टी-टूरिज्म को बढ़ावा देने हेतु चम्पावत, नैनीताल और बागेश्वर के चाय बागानों को पर्यटन से जोड़ा गया है, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिल रहा है।

“कृषि में आत्मनिर्भर उत्तराखंड” – हमारा संकल्प

मुख्यमंत्री ने कहा कि रजत जयंती वर्ष में “उत्तराखंड का किसान – उत्तराखंड का गौरव” का संदेश देकर एक नई शुरुआत की जा रही है। उन्होंने किसानों से आह्वान किया — “आइए, मिलकर उत्तराखंड को समृद्ध, आत्मनिर्भर और आधुनिक कृषि राज्य बनाएं।”

 ‘किसान मजबूत होगा तो देश मजबूत होगा’

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसान और जवान दोनों की समान चिंता करते हैं। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड अब बागवानी के क्षेत्र में कश्मीर और हिमाचल के बाद तीसरे स्थान पर है। राज्य सरकार ने ड्रैगन फ्रूट, कीवी, एप्पल और मिलेट के लिए विशेष नीतियाँ बनाई हैं। उन्होंने कहा कि “धामी सरकार किसानों की आय दोगुनी करने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर कार्यरत है।” आज राज्य की 1.65 लाख महिलाएँ “लखपति दीदी” बन चुकी हैं।

सम्मेलन में बड़ी संख्या में किसान हुए शामिल

कार्यक्रम की अध्यक्षता क्षेत्रीय विधायक तिलकराज बेहड़ ने की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री निरंतर किसानों के बीच संवाद कर रहे हैं और पंतनगर की सड़कें सुधारने सहित कई घोषणाएँ कर चुके हैं।

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