नैनीताल: उत्तराखंड में पंचायत चुनाव के दौरान नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव में हुए बवाल के मामले में हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। रविवार को हुई सुनवाई में मुख्य न्यायाधीश जी. नरेंद्र और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने राज्य सरकार से अब तक की जांच रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।
दरअसल, 14 अगस्त को हुए इस चुनाव के दौरान पांच सदस्यों के अपहरण, एक मतपत्र पर ओवरराइटिंग और चुनाव की पुनःमतदान (रिपोलिंग) की मांग को लेकर विवाद खड़ा हुआ था। इस मामले में हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए सुनवाई शुरू की थी।
आज की सुनवाई में राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि घटना की जांच सीआईडी (क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट) को सौंपी गई है और उसकी रिपोर्ट आने में समय लगेगा। इस पर पीड़ित पक्ष ने विरोध जताते हुए कहा कि जब घटना के दौरान सीआईडी मौके पर मौजूद थी, तो अब उनसे निष्पक्ष रिपोर्ट की क्या उम्मीद की जा सकती है।
कोर्ट ने सरकार को दो दिन के भीतर जांच की प्रगति रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है और अगली सुनवाई की तारीख 15 अक्टूबर तय की है।
मामले में हाईकोर्ट पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि अगर जांच रिपोर्ट संतोषजनक नहीं हुई, तो वह उच्च स्तरीय जांच एजेंसी से मामले की जांच कराने पर विचार करेगा।

