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H-1B वीजा विवाद: भारतीय पेशेवरों को मिली थोड़ी राहत, विदेश मंत्रालय ने बताया—बातचीत जारी

ddnews

 

 

 

 

नई दिल्ली: डोनाल्ड ट्रंप द्वारा H-1B वीजा से जुड़ा नया फैसला लागू होने के बाद अमेरिका में काम करने वाले भारतीय पेशेवरों में पैनिक फैल गया था। अमेरिकी प्रशासन ने इस वीजा की फीस बढ़ाकर 1 लाख डॉलर कर दी थी, जिसे लेकर चिंता बढ़ गई थी। H-1B वीजा के सबसे बड़े लाभार्थी भारतीय ही हैं।

हालांकि अब विदेश मंत्रालय के बयान से भारतीय पेशेवरों को थोड़ी राहत मिली है। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच H-1B वीजा को लेकर बातचीत जारी है। उन्होंने बताया, “यह कैसे आगे बढ़ेगा, यह अभी भी इवॉल्विंग स्थिति है। हम विभिन्न स्तरों पर बातचीत जारी रखेंगे।”

जायसवाल ने आगे कहा कि भारतीय पक्ष का मानना है कि कुशल पेशेवरों के अमेरिका जाने से दोनों देशों को लाभ होता है। “हम उद्योग समेत सभी संबंधित पक्षों के साथ बातचीत जारी रखना चाहते हैं और हमें उम्मीद है कि इन बातों पर उचित ध्यान दिया जाएगा।”

उन्होंने साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में बताया कि अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग ने एक नोटिफिकेशन जारी किया है और संबंधित उद्योगों और हितधारकों को अपनी राय देने के लिए एक महीने का समय दिया गया है।

विदेश मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिकी प्रशासन की तरफ से यह फीस केवल नए वीजा एप्लीकेशन पर लागू होगी और यह केवल एक बार ही ली जाएगी।

भारतीय पेशेवरों के लिए यह बयान एक सकारात्मक संकेत है, क्योंकि इससे उन्हें उम्मीद है कि H-1B वीजा से जुड़ी जटिलताओं और नई फीस के प्रभावों को कम करने के लिए बातचीत जारी है।

 

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