TMP: इस वर्ष प्रदेश में आई भीषण आपदा ने सड़क मार्गों को गहरे जख्म दिए हैं। पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों की कई सड़कें बह गई हैं, जबकि कई मार्ग दुर्घटना के लिहाज से अत्यंत संवेदनशील बन गए हैं। अब परिवहन विभाग इन मार्गों की सुरक्षा के लिए विशेष सर्वे करने जा रहा है।
सड़कें संवेदनशील और अतिसंवेदनशील श्रेणी में होंगी चिह्नित
सर्वे के तहत सड़क मार्गों को संवेदनशील और अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में बांटा जाएगा। इसके साथ ही यह देखा जाएगा कि किन जगहों पर सुरक्षा बढ़ाने के लिए कौन से उपाय किए जा सकते हैं।
मानसून की तबाही और यात्रा पर असर
इस साल की बरसात ने प्रदेश के कई जिलों में भारी नुकसान किया। कई मार्ग कई दिनों तक बंद रहे। फिलहाल चारधाम यात्रा का दूसरा चरण जारी है, लेकिन वाहन चालक अत्यधिक सतर्कता के साथ यात्रा कर रहे हैं, जिससे यात्रा की गति अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाई है।
वर्तमान आंकड़े और सरकार की तैयारी
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प्रदेश में पहले से 174 ब्लैक स्पॉट
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600 से अधिक अतिसंवेदनशील क्षेत्र
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2500 से अधिक संवेदनशील स्थल
अब मानसून के बाद सड़क क्षति के कारण इनकी संख्या बढ़ने की संभावना है। परिवहन विभाग इस स्थिति का आंकलन कर संबंधित विभागों को दुरुस्ती के आदेश देगा।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया
अपर परिवहन आयुक्त एस.के. सिंह ने कहा: “सड़कों में संवेदनशील और अतिसंवेदनशील दुर्घटना संभावित स्थलों की पहचान के निर्देश दिए गए हैं। सभी संभाग और उप-सम्भागों को यह कार्य जल्द प्रारंभ करने के लिए कहा गया है।”
लोक निर्माण और परिवहन विभाग मिलकर सड़क मार्गों की सुरक्षा और यात्रा सुगमता सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।

