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मुख्य सचिव ने उत्तराखण्ड डिजास्टर प्रीपेयर्डनेस एंड रेज़ीलियंट प्रोजेक्ट की समीक्षा की

 

 

 

 

देहरादून: उत्तराखण्ड में आपदा प्रबंधन और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में आपदा प्रबंधन विभाग एवं विश्व बैंक अधिकारियों के साथ उत्तराखण्ड डिजास्टर प्रीपेयर्डनेस एंड रेज़ीलियंट प्रोजेक्ट (यू-प्रिपेयर) की प्रगति की समीक्षा की।

मुख्य सचिव ने बैठक में निर्देश दिए कि परियोजना के तहत तैयार किए जाने वाले सभी प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर प्रेषित किए जाएं। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि पीएमयू को 31 अक्टूबर 2025 तक ड्राफ्ट सीईआरसी संचालन मैनुअल और ड्राफ्ट आपातकालीन कार्य योजना तैयार करनी है, जिसे प्रस्तावित समय-सीमा के भीतर पूरा करना अनिवार्य है।

प्रोजेक्ट की प्रमुख प्रगति

बैठक में विश्व बैंक अधिकारियों ने बताया कि:

अधिकारी और उपस्थित सदस्य

इस अवसर पर सचिव दिलीप जावलकर, विनोद कुमार सुमन, अपर सचिव आनन्द स्वरूप सहित विश्व बैंक के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में परियोजना की विभिन्न तकनीकी और प्रशासनिक जानकारियों का विस्तृत आदान-प्रदान किया गया।

मुख्य सचिव ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना के सभी कार्यों का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए ताकि उत्तराखण्ड प्रदेश की आपदा प्रबंधन क्षमता और सतत सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

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