रुद्रपुर, 20 जुलाई: उत्तराखंड के लिए यह क्षण ऐतिहासिक बन गया जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने खुले मंच से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ‘सुपर शाबासी’ दी और उनके नेतृत्व को “दूरदर्शी, पारदर्शी और पराक्रमी” बताया। रुद्रपुर में आयोजित उत्तराखंड निवेश उत्सव के मंच से अमित शाह ने कहा, “एक लाख करोड़ रुपये का निवेश जमीन पर उतरना महज आंकड़ा नहीं, बल्कि उत्तराखंड की नीति, नीयत और नेतृत्व का प्रमाण है।”
शाह ने याद दिलाया कि वर्ष 2023 में जब देहरादून में ग्लोबल इन्वेस्टर समिट संपन्न हो रही थी, तब उन्होंने सीएम धामी से कहा था कि “पराक्रम सिर्फ एमओयू साइन कराना नहीं, उन्हें धरातल पर उतारना है।” और अब, डेढ़ साल बाद, जब उत्तराखंड 1 लाख करोड़ की ग्राउंडिंग कर चुका है, तो गृह मंत्री ने इस उपलब्धि को “असाधारण पराक्रम” की संज्ञा दी।
सीएम धामी के लिए बार-बार बजती रही तालियाँ
कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने सीएम धामी का कई बार नाम लिया—कभी “भाई”, कभी “लोकप्रिय मुख्यमंत्री”, और कभी “यशस्वी नेतृत्वकर्ता” कहकर। उन्होंने कहा, “पहाड़ी राज्यों में निवेश लाना आसान नहीं होता, यह पहाड़ चढ़ने जैसा होता है, लेकिन धामी जी ने इस मिथक को तोड़ा है।”
नीतियों की ब्रांडिंग और निवेश वातावरण की सराहना
गृह मंत्री ने उत्तराखंड की उन नीतियों की भी सराहना की जिनसे निवेश का माहौल मजबूत हुआ है—औद्योगिक विकास और पर्यावरण का संतुलन, पारदर्शिता, क्रियान्वयन की तेजी और रोजगार सृजन की प्रतिबद्धता। उन्होंने उत्तराखंड के प्रयासों को देश में उदाहरण बनने वाला बताया।
गृह मंत्री के भरोसे भरे शब्द:
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“मैं पूरे उत्तराखंड की जनता की ओर से पुष्कर सिंह धामी और उनकी टीम को साधुवाद देता हूं।”
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“उत्तराखंड में अब तक एक लाख करोड़ का इन्वेस्टमेंट धरातल पर उतर चुका है, जिससे 81 हजार से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं।”
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“धामी सरकार ने दिखा दिया कि मजबूत इच्छाशक्ति और दूरदृष्टि के साथ पहाड़ों में भी औद्योगिक क्रांति संभव है।”
उत्तराखंड ने केवल निवेश के कागजी वादे नहीं किए, बल्कि उसे जमीनी हकीकत में बदला है। यह राज्य अब निवेश के लिए भरोसेमंद और प्रेरणादायक डेस्टिनेशन बन चुका है, और इसका श्रेय जाता है मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन और उनके मजबूत नेतृत्व को—जिन्हें खुद देश के गृह मंत्री ने खुले मंच से बार-बार सराहा।

