देहरादून: उत्तराखण्ड को तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने की दिशा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण कदम उठाया। तकनीकी शिक्षा विभाग की वर्चुअल समीक्षा बैठक में उन्होंने युवाओं को औद्योगिक मांग के अनुरूप प्रशिक्षित करने, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और रोबोटिक्स जैसे आधुनिक तकनीकी विषयों को कोर्स में शामिल करने तथा कैंपस प्लेसमेंट और उद्योग भ्रमण जैसी गतिविधियों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि तकनीकी संस्थानों में प्रशिक्षण की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए आईआईटी रुड़की के साथ समन्वय बढ़ाया जाए। रुड़की स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का उपयोग युवाओं के हित में अधिकतम रूप से सुनिश्चित किया जाए।
रोजगार मेलों से लेकर आउटकम इंडिकेटर्स तक की निगरानी
सीएम धामी ने तकनीकी शिक्षा को रोजगारपरक बनाने के लिए नियमित रोजगार मेलों के आयोजन और योजनाओं में आउटकम इंडिकेटर्स को शामिल करने पर ज़ोर दिया, ताकि नीतियों का जमीनी असर भी स्पष्ट रूप से नजर आ सके।
2030 तक एसडीजी लक्ष्य और वैश्विक अवसरों पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य वर्ष 2030 तक सतत विकास लक्ष्यों (SDG) की दिशा में अग्रसर होना है। इसके तहत तकनीकी कौशल, सॉफ्ट स्किल्स, उद्यमिता और नवाचार के क्षेत्र में युवाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन प्लेसमेंट पोर्टल, करियर गाइडेंस, फैकल्टी अपग्रेडेशन, इंटर्नशिप और विदेशी भाषाओं के प्रशिक्षण जैसे कार्यक्रमों से युवाओं को भारत ही नहीं, विदेशों में भी रोजगार और उच्च शिक्षा के अवसर मिल रहे हैं।
बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी
इस महत्वपूर्ण बैठक में तकनीकी शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, तकनीकी शिक्षा सचिव रंजीत सिन्हा, स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा सहित तकनीकी शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड सरकार तकनीकी शिक्षा को केवल डिग्री तक सीमित नहीं रखकर उसे आधुनिक, उद्योग-उन्मुख और वैश्विक अवसरों से जोड़ने की दिशा में ठोस पहल कर रही है। युवाओं को कौशलयुक्त बनाकर राज्य को नवाचार और उद्यमिता का केंद्र बनाने का विजन अब तेजी से साकार हो रहा है।