देहरादून : उत्तराखंड की पंचम विधानसभा का मानसून सत्र 19 से 22 अगस्त 2025 तक गैरसैंण स्थित भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में आयोजित किया जाएगा। विधायी एवं संसदीय कार्य विभाग द्वारा इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं और सत्र की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
यह सत्र राजनीतिक दृष्टि से खासा अहम माना जा रहा है क्योंकि यह वही भराड़ीसैंण है जहां राज्य की राजधानी के स्थायी समाधान को लेकर लंबे समय से जनभावनाएं जुड़ी रही हैं।
प्रेमचंद अग्रवाल के विवाद के बाद पहला सत्र
गौरतलब है कि पिछला सत्र 18 से 24 फरवरी 2025 के बीच देहरादून में हुआ था, जिसमें तत्कालीन संसदीय कार्य मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के ‘पहाड़ बनाम मैदान’ वाले बयान ने राजनीतिक भूचाल ला दिया था। उस बयान के विरोध में प्रदेश भर में प्रदर्शन हुए, और अंततः उन्हें मंत्रिमंडल से इस्तीफा देना पड़ा।
अब कौन संभालेगा सदन में सरकार की कमान?
अब जब मानसून सत्र की तिथि घोषित हो चुकी है, तो संसदीय कार्य मंत्री की नियुक्ति को लेकर सियासत फिर से गरमाने लगी है। सरकार के सामने यह तय करना चुनौती है कि क्या नया चेहरा मंत्रिमंडल में जोड़ा जाएगा या मौजूदा मंत्रियों में से किसी को अतिरिक्त जिम्मेदारी दी जाएगी।
धामी सरकार पर अब यह जिम्मेदारी है कि वह विधानसभा में अपने पक्ष को प्रभावी ढंग से रखने के लिए मजबूत नेतृत्व प्रस्तुत करे। इसके लिए मंत्रिमंडल विस्तार भी हो सकता है, जिसकी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
गैरसैंण में सत्र का प्रतीकात्मक संदेश
गैरसैंण में सत्र का आयोजन न केवल प्रशासनिक निर्णय है, बल्कि यह पर्वतीय क्षेत्रों की सहभागिता और भावनाओं को सम्मान देने का प्रतीकात्मक संदेश भी माना जा रहा है। भराड़ीसैंण में सत्र बुलाना एक बार फिर यह जताता है कि सरकार राज्य के संतुलित विकास और जनभावनाओं के प्रति संवेदनशील है।
