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धामी सरकार के 4 साल सवालों के घेरे में: कांग्रेस ने गिनाई विफलताएं, बताया ‘नाकामियों का कार्यकाल’

 

 



देहरादून: उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के चार साल पूरे होने पर जहां सरकार अपनी उपलब्धियां गिना रही है, वहीं कांग्रेस ने इस कार्यकाल को ‘विफलताओं से भरा दौर’ करार दिया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने प्रेस वार्ता में सरकार पर बेरोजगारी, महिला अपराध, पलायन और भ्रष्टाचार जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर तीखे सवाल दागे।

माहरा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री अपने कार्यकाल की झूठी वाहवाही में लगे हैं, जबकि सच्चाई यह है कि बीजेपी के ही सांसद और विधायक सरकार की नाकामियों को उजागर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन चार वर्षों में उत्तराखंड को बेरोजगारी और पलायन जैसे कलंकों का सामना करना पड़ा।

चारधाम यात्रा पर भी उठाए सवाल

माहरा ने कहा कि धामी सरकार की लापरवाही के चलते चारधाम यात्रा में दर्जनों यात्रियों की मौतें हुईं, लेकिन सरकार आंकड़े छिपाने में जुटी रही। उन्होंने कहा कि न तो दुर्घटनाग्रस्त क्षेत्रों में कोई सुधार हुआ और न ही यात्रा मार्गों पर पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।

केदारनाथ सोना प्रकरण और भर्ती घोटाले पर घेरा

कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि केदारनाथ में सोने की चोरी का मामला आज तक अधर में लटका है। एक साल में भी सरकार इस प्रकरण पर कोई जवाब नहीं दे सकी। इसके अलावा, उन्होंने भर्ती घोटालों को लेकर सरकार पर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।

खनन माफियाओं को संरक्षण का आरोप

करन माहरा ने कहा कि सरकार खनन और भू-माफियाओं को खुला संरक्षण दे रही है। उन्होंने कहा कि नदियों में अवैध खनन पर जब बीजेपी नेताओं ने भी सवाल उठाए, तब भी सरकार ने माफियाओं पर शिकंजा कसने के बजाय उन्हें बचाने का काम किया।

शिक्षा-स्वास्थ्य पर भी उठाए सवाल

माहरा ने राज्य की शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति को चिंताजनक बताया और कहा कि इन क्षेत्रों में सरकार पूरी तरह फेल साबित हुई है।

कुल मिलाकर कांग्रेस ने धामी सरकार के चार साल को ‘विफलताओं और घोटालों का कालखंड’ बताया और मांग की कि जनता के साथ धोखा करने वाली इस सरकार को जनता जवाब देगी।

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