डेस्टिनेशन उत्तराखंड” की ओर बढ़ता प्रदेश: एलिवेटेड रोड से लेकर नई पर्यटन नीति तक सीएम धामी का विज़न स्पष्ट

 

 

देहरादून: उत्तराखंड अब केवल देवभूमि नहीं, बल्कि देश-विदेश के पर्यटकों के लिए एक वैश्विक पर्यटन केंद्र बनने की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में फोटोग्राफर भूमेश भारती की कॉफी टेबल बुक “Aerial Vistas of Uttarakhand” का विमोचन करते हुए राज्य के सर्वांगीण पर्यटन विकास की रूपरेखा को साझा किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली-देहरादून एलिवेटेड रोड जल्द शुरू हो जाने से पर्यटकों की आमद में भारी वृद्धि की संभावना है, जिसे ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार अभी से नियोजन की दिशा में पूरी तरह सक्रिय है। उन्होंने बताया कि 26 किमी लंबी रिस्पना-बिंदाल एलिवेटेड रोड के लिए केंद्र से आग्रह किया गया है, साथ ही नीति आयोग से फ्लोटिंग पॉपुलेशन के लिए विशेष ग्रांट की भी मांग की गई है।

कॉफी टेबल बुक से खुला प्रकृति का खज़ाना

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने भूमेश भारती की सराहना करते हुए कहा कि यह पुस्तक उत्तराखंड की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत की जीवंत झलक प्रस्तुत करती है। उन्होंने कहा कि इस पुस्तक को देखने वाला कोई भी व्यक्ति उत्तराखंड की ओर खिंचा चला आएगा।

पर्यटन के विविध आयामों पर फोकस

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि “नई पर्यटन नीति” के माध्यम से राज्य में निवेशकों को आकर्षित करने और “डेस्टिनेशन उत्तराखंड” को वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य में धार्मिक, साहसिक, ईको-टूरिज्म, वेलनेस और फिल्म पर्यटन के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है।

उन्होंने जानकारी दी कि—

  • केदारखंड की तरह मानसखंड कॉरिडोर भी विकसित किया जा रहा है

  • हरिद्वार और ऋषिकेश को योग-आध्यात्मिक केंद्र के रूप में वैश्विक स्तर पर प्रमोट किया जा रहा है

  • शीतकालीन यात्रा को भी बढ़ावा दिया जा रहा है

फिल्म नगरी बनता उत्तराखंड

राज्य सरकार द्वारा सिंगल विंडो सिस्टम के तहत फिल्म शूटिंग की प्रक्रिया को सरल बनाने के साथ-साथ विशेष सब्सिडी और सुविधाएं दी जा रही हैं। इसी का नतीजा है कि उत्तराखंड को “मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट” का पुरस्कार प्राप्त हुआ है।

निरंतर विकास की दिशा में साहसिक कदम

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड—

  • एसडीजी इंडेक्स में प्रथम स्थान प्राप्त कर चुका है

  • GEP (Gross Environmental Product) लागू करने वाला पहला राज्य बना

  • UCC (समान नागरिक संहिता) को लागू करने वाला सबसे साहसी राज्य है

  • 6,500 एकड़ से अधिक भूमि अतिक्रमण मुक्त कराई जा चुकी है

उन्होंने कहा कि यह सब हमारे “विकल्प रहित संकल्प” का परिणाम है, जो उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में मजबूत कदम है।

उत्तराखंड अब विकास, पर्यटन, पर्यावरण और सांस्कृतिक विरासत के संतुलन के साथ एक वैश्विक पहचान की ओर बढ़ रहा है, और मुख्यमंत्री धामी की दूरदृष्टि इस दिशा में स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो रही है।

(Visited 2,387 times, 1 visits today)