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केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी: 8वां वेतन आयोग लागू, स्पेस सेक्टर को भी मिला नया बूस्ट!

 

 

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली केंद्रीय कैबिनेट ने केंद्रीय कर्मचारियों को बड़ा तोहफा देते हुए 8वें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दे दी है। यह वेतन आयोग 2026 से लागू होगा, जिससे लाखों कर्मचारियों के वेतन में इजाफा होगा। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि यह फैसला 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनावों से पहले कर्मचारियों के बीच सकारात्मक संदेश देने की कोशिश है।

7वें वेतन आयोग से पहले होगा 8वें आयोग का आगमन

वैष्णव ने कहा, “1947 से अब तक सात वेतन आयोग लागू हो चुके हैं। अंतिम यानी 7वां वेतन आयोग 2016 में लागू हुआ था, जो 2026 में समाप्त होगा। लेकिन इससे पहले ही 8वें आयोग की प्रक्रिया शुरू हो गई है ताकि समय रहते इसे लागू किया जा सके।”

8वें वेतन आयोग के लिए चेयरमैन और दो सदस्यों की कमेटी बनाई जाएगी, जिसकी नियुक्ति जल्द की जाएगी। इससे केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में काम कर रहे लाखों कर्मचारियों को आर्थिक लाभ मिलेगा।

स्पेस सेक्टर को नई उड़ान: श्रीहरिकोटा में बनेगा तीसरा लॉन्च पैड

केंद्रीय कैबिनेट ने 3985 करोड़ रुपये की लागत से आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में तीसरे सैटेलाइट लॉन्च पैड के निर्माण को भी मंजूरी दी है। यह लॉन्च पैड नेक्स्ट जनरेशन लॉन्च व्हीकल्स के लिए तैयार किया जाएगा और इसकी क्षमता मौजूदा लॉन्च पैड्स से अधिक होगी।

मंत्री वैष्णव ने बताया, “48 महीने में तैयार होने वाले इस लॉन्च पैड से ISRO को कॉमर्शियल स्पेस सेक्टर में नई ऊंचाई मिलेगी।” यह भारत के अंतरिक्ष स्टेशन निर्माण परियोजना को गति देगा और अंतरिक्ष क्षेत्र में देश की ताकत को बढ़ाएगा।

दिल्ली चुनाव से पहले बड़ा मास्टरस्ट्रोक?

विशेषज्ञ मानते हैं कि 8वें वेतन आयोग की घोषणा और अंतरिक्ष सेक्टर में बड़ी परियोजना को मंजूरी 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनावों से पहले केंद्र सरकार का एक बड़ा राजनीतिक दांव है।

संक्षेप में:

  • 8वां वेतन आयोग: 2026 से लागू, लाखों कर्मचारियों को फायदा।
  • श्रीहरिकोटा का तीसरा लॉन्च पैड: 3985 करोड़ की लागत से 48 महीने में निर्माण।
  • दिल्ली चुनावों से पहले: सरकार का सकारात्मक संदेश और विकास की दिशा में कदम।

यह फैसले केवल आर्थिक सुधार नहीं, बल्कि भारत के अंतरिक्ष और प्रशासनिक क्षेत्र में नई दिशा और दशा तय करने वाले साबित हो सकते हैं।

 
 
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