TMP : नैनीताल हाईकोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान उत्तराखंड राज्य निर्वाचन आयोग और सरकार ने स्पष्ट किया कि निकाय चुनाव की मतगणना पहले से ही सीसीटीवी की निगरानी में हो रही है। मसूरी नगर पालिका अध्यक्ष पद की मतगणना में भी यही व्यवस्था लागू होगी। कोर्ट में यह आश्वासन मिलने के बाद उमा पंवार गुप्ता की याचिका को निस्तारित कर दिया गया।
चुनाव की गर्मी, प्रचार जोरों पर!
उत्तराखंड में 23 जनवरी को निकाय चुनाव के लिए वोटिंग और 25 जनवरी को मतगणना तय है। ऐसे में प्रत्याशी चुनाव प्रचार में अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं। हर गली-मोहल्ला झंडों और नारों से सराबोर है, जबकि मतदाताओं को रिझाने के लिए प्रत्याशी वादों और योजनाओं की झड़ी लगा रहे हैं।
हाईकोर्ट ने किया चुनावी पारदर्शिता का भरोसा मजबूत
मसूरी नगर पालिकाध्यक्ष पद की मतगणना सीसीटीवी निगरानी में करवाने की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति आलोक वर्मा की एकलपीठ ने मामले का निस्तारण किया। निर्वाचन आयोग के अधिवक्ता संजय भट्ट ने कोर्ट में यह जानकारी दी कि निकाय चुनावों में सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था पहले से लागू है।
‘मतदान से पहले हर दल का जोरदार अभियान’
चुनाव प्रचार ने शहरी और नगरीय इलाकों को चुनावी रंग में पूरी तरह रंग दिया है। वोटिंग में चंद दिन बाकी होने के कारण प्रत्याशी जनसंपर्क और प्रचार-प्रसार में कोई कसर नहीं छोड़ रहे।
“सीसीटीवी निगरानी से सुरक्षित और पारदर्शी मतगणना का वादा!”
निकाय चुनावों में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सीसीटीवी निगरानी का फैसला मतदाताओं का भरोसा और मजबूत करता है। अब 23 जनवरी को होने वाले मतदान के बाद 25 जनवरी को हर मत का सही मायने में हिसाब मिलेगा।