उत्तरकाशी: जिला मुख्यालय उत्तरकाशी के वरुणावत पर्वत से लगे गुफियारा-जल संस्थान कॉलोनी के ऊपर पहाड़ी पर हो रहे भूस्खलन की स्थिति गंभीर होती जा रही है। भूस्खलन के विस्तृत सर्वेक्षण के लिए विशेषज्ञों की एक उच्च स्तरीय टीम शुक्रवार को उत्तरकाशी पहुंची और सर्वेक्षण कार्य तुरंत शुरू कर दिया।
विशेषज्ञों की टीम ने किया सर्वेक्षण
इस टीम में टीएचडीसी, भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) और उत्तराखंड भूस्खलन शमन एवं प्रबंधन केंद्र के विशेषज्ञ शामिल हैं। टीम को जिला टास्क फोर्स के भूवैज्ञानिक और लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता भी सहयोग प्रदान कर रहे हैं। यह टीम शनिवार, 7 सितंबर को भूस्खलन क्षेत्र और वरुणावत पर्वत के शीर्ष पर जाकर स्थिति का बारीकी से अध्ययन करेगी।
जिलाधिकारी के आग्रह पर टीएचडीसी को सौंपी गई जिम्मेदारी
बीते 27 अगस्त को गुफियारा-जल संस्थान कॉलोनी के ऊपर पहाड़ी पर हुए भूस्खलन के कारण स्थिति गंभीर हो गई थी। जिलाधिकारी मेहरबान सिंह बिष्ट ने टीएचडीसी के उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर सर्वेक्षण दल को तुरंत उत्तरकाशी भेजने का आग्रह किया था। जिसके बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर कुटेटी देवी और वरुणावत की तलहटी वाले क्षेत्रों का निरीक्षण किया।
टीम की बैठक और सर्वेक्षण की रूपरेखा
जिलाधिकारी मेहरबान सिंह बिष्ट के साथ विशेषज्ञ टीम की बैठक हुई, जिसमें सर्वेक्षण की रूपरेखा और प्रारंभिक निष्कर्षों पर चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने टीम से अपेक्षा की कि वे भूस्खलन के कारणों और समाधान के लिए विस्तृत रिपोर्ट तैयार करें, ताकि प्रभावी और सुरक्षित उपाय किए जा सकें।
विशेषज्ञों की टीम में शामिल सदस्य
इस सर्वेक्षण दल में उत्तराखंड भूस्खलन शमन एवं प्रबंधन केंद्र की वरिष्ठ भूवैज्ञानिक रूचिका टंडन, डिज़ाइन इंजीनियर पंकज उनियाल, जीएसआई की वरिष्ठ भूवैज्ञानिक नेहा कुमारी, टीएचडीसी के वरिष्ठ प्रबंधक जेआर कोठारी, स्ट्रक्चरल इंजीनियर विनय पुरोहित, जिला टास्क फोर्स के भूवैज्ञानिक प्रदीप कुमार, अधिशासी अभियंता रजनीश सैनी, और जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल शामिल रहे।
स्थानीय निवासियों की सुरक्षा के लिए उम्मीदें
भूस्खलन के कारण क्षेत्र में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। विशेषज्ञों की रिपोर्ट के बाद जिला प्रशासन भूस्खलन से निपटने के लिए आवश्यक कदम उठाएगा। इस सर्वेक्षण से वरुणावत पर्वत पर हो रहे भूस्खलन के कारणों का पता चलेगा और समाधान के लिए ठोस उपायों की सिफारिश की जाएगी, जिससे क्षेत्र की आबादी को सुरक्षित किया जा सके।
आने वाले दिनों में क्या होगा
विशेषज्ञ टीम के विस्तृत सर्वेक्षण और रिपोर्ट के बाद भूस्खलन के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। स्थानीय निवासियों को उम्मीद है कि जल्द ही प्रशासन ठोस उपाय कर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करेगा और क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल होगी।