स्वास्थ्य कर्मियों के तबादले से लेकर निजी विश्वविद्यालय तक, कैबिनेट ने लिए जनहित से जुड़े 6 बड़े फैसले

 

 

 

 

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में राज्य के प्रशासनिक, औद्योगिक, शिक्षा और जनजाति कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णयों पर मुहर लगाई गई। इन फैसलों का उद्देश्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाना, निवेश को बढ़ावा देना और जनहित परियोजनाओं को गति देना है।

स्वास्थ्य कर्मियों को बड़ी राहत

कैबिनेट ने चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के स्वास्थ्य कार्यकर्ता/स्वास्थ्य पर्यवेक्षक, जिन्होंने अपने मूल संवर्ग में न्यूनतम पांच वर्ष की संतोषजनक सेवा पूरी कर ली है, को पूरे सेवाकाल में एक बार आपसी सहमति (म्यूचुअल अंडरस्टैंडिंग) के आधार पर जनपद परिवर्तन की अनुमति देने का निर्णय लिया है। इससे कर्मचारियों की कार्य संतुष्टि और व्यवस्था की सुचारूता बढ़ेगी।

परियोजनाओं के लिए भूमि प्राप्ति की नई प्रक्रिया

राज्य में लघु, मध्यम और वृहद परियोजनाओं हेतु भू-स्वामियों से आपसी समझौते के आधार पर भूमि प्राप्त करने की प्रक्रिया तय की गई है। इसका उद्देश्य भूमि अर्जन में लगने वाले लंबे समय, मुकदमेबाजी और लागत को कम करना तथा जनहित की परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाना है।

प्राग फार्म भूमि पर सिडकुल को उप-पट्टे की अनुमति

जनपद उधमसिंहनगर स्थित प्राग फार्म की 1354.14 एकड़ भूमि को औद्योगिक आस्थान विकसित करने के लिए सिडकुल को हस्तांतरित करने से जुड़े शासनादेश में संशोधन को मंजूरी दी गई है। अब औद्योगिक विकास विभाग के माध्यम से राजस्व विभाग की सहमति से पट्टेदार को समान प्रयोजन हेतु उप-पट्टा (Sub-lease) करने का अधिकार होगा।

जनजाति कल्याण विभाग का ढांचा मजबूत

देहरादून, चमोली, ऊधमसिंहनगर और पिथौरागढ़ जैसे अनुसूचित जनजाति बाहुल्य जनपदों में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए चार जिला जनजाति कल्याण अधिकारी पदों के सृजन से संबंधित सेवा नियमावली में संशोधन को कैबिनेट ने स्वीकृति दी।

गैर-कृषि उपयोग हेतु भू-जल पर प्रभार

राज्य में गैर-कृषिकारी उपयोग (कृषि, कृषि संबंधित कार्य और राजकीय पेयजल व्यवस्था को छोड़कर) हेतु भू-जल निकासी पर जल मूल्य/प्रभार की दरें तत्काल लागू की जाएंगी। औद्योगिक, वाणिज्यिक, अवसंरचनात्मक तथा रेजीडेंशियल अपार्टमेंट/ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी के लिए पंजीकरण शुल्क ₹5000 निर्धारित किया गया है।

देहरादून में नया निजी विश्वविद्यालय

राज्य को शिक्षा हब के रूप में विकसित करने की दिशा में कैबिनेट ने जनपद देहरादून में “जी.आर.डी. उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय” नाम से निजी विश्वविद्यालय स्थापित करने की मंजूरी दी है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य नवाचारी शिक्षा पद्धतियों को बढ़ावा देना, शोध को प्रोत्साहित करना और रोजगार के नए अवसर सृजित करना है। इन फैसलों से राज्य में सेवा सुधार, निवेश प्रोत्साहन और शिक्षा के विस्तार को नई गति मिलने की उम्मीद है।

 
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