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सेलाकुई मेडिकल यूनिवर्सिटी में ₹20.55 करोड़ की 5 योजनाएं, धामी ने किया शिलान्यास और लोकार्पण

 

 

 

 

देहरादून: उत्तराखंड में चिकित्सा शिक्षा के बुनियादी ढांचे को विस्तार देने के लिए सेलाकुई स्थित हेमवती नंदन बहुगुणा उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय में नई परियोजनाओं की शुरुआत की गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को परिसर में पांच योजनाओं से जुड़े विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इन पर कुल 20.55 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

कार्यक्रम में 20.21 करोड़ रुपये की तीन योजनाओं की आधारशिला रखी गई, जबकि 34 लाख रुपये की लागत वाली दो योजनाओं का लोकार्पण किया गया। प्रस्तावित कार्यों में प्रशासनिक भवन, एम्फीथिएटर और नक्षत्र वाटिका का निर्माण शामिल है। वहीं, विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार और दंत चिकित्सालय का उद्घाटन किया गया।

सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की योजना भी प्रस्तावित

मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालय में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से चिकित्सा शिक्षा हासिल कर रहे विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि परिसर में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल स्थापित करने के लिए केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा गया है। केंद्र की मंजूरी के बाद इस परियोजना पर आगे काम किया जाएगा।

धामी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य चिकित्सा शिक्षा को मजबूत करने के साथ प्रदेश के लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। इसके लिए मेडिकल कॉलेजों, अस्पतालों और नर्सिंग संस्थानों में सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।

मेडिकल कॉलेजों से लेकर दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं पर फोकस

मुख्यमंत्री के अनुसार, उत्तराखंड में पांच राजकीय मेडिकल कॉलेज संचालित हैं और दो निर्माणाधीन हैं। नौ नर्सिंग कॉलेज और तीन नर्सिंग स्कूल भी चल रहे हैं। देहरादून, हल्द्वानी और श्रीनगर के मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है।

उन्होंने हल्द्वानी में निर्माणाधीन आधुनिक कैंसर संस्थान और किच्छा में 351 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे एम्स सैटेलाइट सेंटर का भी उल्लेख किया। सरकार टेलीमेडिसिन और हेली एंबुलेंस के माध्यम से दूरस्थ व दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर भी काम कर रही है।

युवाओं के लिए देश-विदेश में रोजगार के अवसर

धामी ने स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रशिक्षण और रोजगार को भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बताया। उन्होंने कहा कि विदेशी भाषाओं के प्रशिक्षण से युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। उनके मुताबिक, वर्ष 2023 में 60 अभ्यर्थियों को जापान और वर्ष 2025 में 13 अभ्यर्थियों को जर्मनी में रोजगार मिला।

मुख्यमंत्री ने भर्ती प्रक्रियाओं का जिक्र करते हुए दावा किया कि पिछले पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित रखने और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।

कार्यक्रम में चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में आधुनिक सुविधाएं विकसित करने और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व प्रशिक्षण देने पर जोर दिया जा रहा है।

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